पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल ने कहा है कि बच्चों से सम्बन्धित विषयों को ग्राम पंचायत-विकास योजना (GPDP) में अनिवार्य रूप से जोड़ा जाएगा। श्री पटेल ने आज यूनिसेफ और समर्थन संस्था द्वारा ग्राम विकास योजना को चाइल्ड फ्रेडंली बनाने विषयक कार्यशाला में यह जानकारी दी।
मंत्री श्री पटेल ने कहा कि ग्रामों के व्यवस्थित विकास के लिए प्रत्येक ग्राम-पंचायत की वार्षिक "ग्राम पंचायत विकास योजना" तैयार की जाती है। इस विकास योजना में बच्चों से सम्बन्धित शिक्षा, शैक्षणिक सुविधा, स्वच्छता, कुपोषण, बालश्रम, बाल-विवाह जैसे महत्वपूर्ण विषयों को जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा भी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता में सुधार लाने के प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कार्यशाला में प्रतिभागी के रूप में सम्मिलित हुए मंडला, खरगौन, बड़वानी जिलों के बच्चों और जन-प्रतिनिधियों से भी विस्तार से चर्चा की।
हर वर्ष 14 नवम्बर को बाल-ग्राम सभा
प्रधानमंत्री स्व. पण्डित जवाहरलाल नेहरू के जन्म-दिवस 14 नवम्बर को प्रदेश के ग्रामीण अंचल में प्रतिवर्ष बाल ग्राम सभाएं आयोजित की जाएंगी। मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल ने आयुक्त पंचायत राज को कार्य-योजना बनाने के निर्देश दिए हैं।
यूनिसेफ के स्टेट हैड श्री माइकल जूमा ने कहा कि यूनिसेफ का मुख्य उददे्श्य प्रदेश के ग्रामीण अंचल के बच्चों को बेहतर पर्यावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि ग्राम विकास में अगली पीढ़ी के रूप में बच्चों की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने सुझाव दिया कि स्कूलों में बाल-मंच और बाल-संगठनों का गठन किया जा सकता है।
कार्यशाला में आयुक्त पंचायत राज श्री संदीप यादव सहित यूनिसेफ, समर्थन संस्था के प्रतिनिधि तथा ग्रामीण क्षेत्रों के पंचायत प्रतिनिधि और बच्चे उपस्थित थे।