टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के नए अध्यक्ष होंगे। वहीं जय शाह सचिव और पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के भाई अरुण सिंह ठाकुर के कोषाध्यक्ष के बनने की संभावना है। 23 अक्टूबर को होने वाली बीसीसीआई की वार्षिक बैठक में इनके नाम की औपचारिक घोषणा की जाएगी। 
बीसीसीआई के सभी सदस्यों की अनौपचारिक मीटिंग में इस बारे में फैसला लिया गया। बैठक में गांगुली के चयन को लेकर संशय वाली स्थिति रही। बैठक में बीसीसीआई के नए अध्यक्ष के नाम पर सहमति को लेकर शुरुआत में थोड़ा विरोध हुआ। इस फैसले को लेकर बीसीसीआई के सदस्य दो गुट बंटे थे, जिनमें एक अनुराग ठाकुर और दूसरा गुट एन श्रीनिवासन का था। दोनों पक्ष अपने-अपने उम्मीदवार को बीसीसीआई का अगला अध्यक्ष नियुक्त करने को लेकर जोर लगा रहे थे पर अंत में गांगुली के नाम पर सहमति बन गई।
ब्रजेश पटेल बने आईपीएल अध्यक्ष 
वहीं कर्नाटक के बृजेश पटेल आईपीएल गवर्निंग काउंसिल के अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालेंगे। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बेटे जय शाह बीसीसीआई के नए सचिव होंगे। वहीं हिमाचल प्रदेश के अरुण सिंह ठाकुर के कोषाध्यक्ष बनने की संभावनाएं है।
अंशुमान गायकवाड़ क्रिकेटर्स असोसिएशन के पुरुष प्रतिनिधि
पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज अंशुमान गायकवाड़ 471 वोटों के साथ चुनाव जीतने के बाद क्रिकेटर्स असोसिएशन के पुरुष प्रतिनिधि होंगे। उन्होंने पूर्व भारतीय क्रिकेटर कीर्ति आजाद को हराया है। कीर्ति को 381 वोट मिले हैं। वहीं, भारत की पूर्व महिला कप्तान शांता रंगास्वामी को सर्वसम्मति से क्रिकेटर्स असोसिएशन की महिला प्रतिनिधि चुना गया है, जबकि दिल्ली के पूर्व क्रिकेटर सुरिंदर खन्ना काउंसिल में आईपीएल जीसी प्रतिनिधि होंगे।
बीसीसीआई में मेरे पास बेहतर करने का अवसर : गांगुली
बीसीसीआई के भावी अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कहा कि उनके लिये यह कुछ अच्छा करने का सुनहरा मौका है क्योंकि वह ऐसे समय में बोर्ड की कमान संभालने जा रहे हैं जब उसकी छवि काफी खराब हुई है । गांगुली ने अध्यक्ष पद की होड़ में बृजेश पटेल को पछाड़ दिया है और अब इस पद के लिये अकेले उम्मीदवार हैं। उन्होंने कहा ,‘‘ निश्चित तौर पर यह बहुत अच्छा अहसास है क्योंकि मैंने देश के लिये खेला है और कप्तान रहा हूं ।’’गांगुली ने कहा ,‘‘ मैं ऐसे समय में कमान संभालने जा रहा हूं जब पिछले तीन साल से बोर्ड की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। इसकी छवि बहुत खराब हुई है। मेरे लिये यह कुछ अच्छा करने का अवसर है।’’उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता प्रथम श्रेणी क्रिकेटरों की देखभाल होगी। गांगुली का इरादा भारतीय क्रिकेट के सभी पक्षों से मिलने का और वे सारे काम करने का है जो पिछले 33 महीने में प्रशासकों की समिति नहीं कर सकी। उन्होंने कहा ,‘‘ पहले मैं सभी से बात करूंगा और फिर फैसला लूंगा। मेरी प्राथमिकता प्रथम श्रेणी क्रिकेटरों की देखभाल करना होगा। मैं तीन साल से सीओए से भी यही कहता आया हूं लेकिन उन्होंने नहीं सुनी। सबसे पहले मैं प्रथम श्रेणी क्रिकेटरों की आर्थिक स्थिति ठीक करूंगा ।’’‘कूलिंग आफ’ अवधि के कारण उन्हें जुलाई में पद छोड़ना होगा। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 18000 से अधिक रन बना चुके पूर्व कप्तान ने कहा कि निर्विरोध चुना जाना ही बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा ,‘‘ यह विश्व क्रिकेट का सबसे बड़ा संगठन है और जिम्मेदारी तो है ही, चाहे आप निर्विरोध चुने गए हों या नहीं। भारत क्रिकेट की महाशक्ति है तो यह चुनौती भी बड़ी होगी।’’