चूरू. जिले के राजगढ़ थानाप्रभारी विष्णुदत्त विश्नोई (Vishnudatta Vishnoi) के सुसाइड के बाद रविवार को पूरे थाना स्टाफ ने बीकानेर के आईजी जोस मोहन को पत्र लिखकर सामूहिक रूप से स्वैच्छिक स्थानान्तरण (Voluntary Transfer) की मांग की है. इस पत्र में थाने के 3 एसआई समेत 39 पुलिसकर्मियों के दस्तखत हैं. इस पत्र में पुलिसकर्मियों की पीड़ा को समझा जा सकता है. यह पत्र सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद सियासत भी तेज हो गयी है.इस पत्र में लिखा गया है कि 23 मई को जो दुखद घटना एसएचओ साहब के साथ हुई, उससे हम सम्पूर्ण मुलाजमान भयभीत हैं. आये दिन रोजमर्रा की ड्यूटी करते समय छोटी-छोटी बातों को लेकर सादुलपुर विधायक और उनके कार्यकर्ता हमारी झूठी शिकायत उच्च अधिकारियों से करते हैं. पिछले दिनों हेडकांस्टेबल सज्जन कुमार और इंद्र सिंह, कांस्टेबल चालक राजेश व कांस्टेबल मनोज का ऐसी ही झूठी शिकायतों के आधार पर ट्रांसफर पुलिस लाइन में कर दिया गया था. इसके बाद थानाप्रभारी विष्णुदत्त ने भी खुदकुशी कर ली. इससे थाने का पूरा स्टाफ भयभीत व व्यथित हैं. इस घटना से हमारा मनोबल बुरी तरह से टूट गया है. इसलिए हम सभी का ट्रांसफर कहीं और कर दिया जाए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.

विधायक बोलीं- जांच करवाओ
इस पूरे मामले को लेकर सादुलपुर विधायक कृष्णा पूनिया का कहना है कि मेरे और कार्यकर्ताओं के कॉल डिटेल की जांच कराएं. मैंने किसी की शिकायत नहीं की है. उन्होंने कहा कि विष्णुदत्त जी की मौत पर मेरी संवेदनाएं हैं. मामले में झूठे आरोप तय करने की कोशिश हुई है. उन्‍होंने कहा कि वो भी चाहती हैं कि मामले में न्याय मिलना चाहिये और दूध का दूध तथा पानी का पानी होना चाहिए, ताकि जो नेता यहां राजनीतिक रोटियां सेंकने आए उनको भी इसका पता चल सके.

विपक्ष का हमला
इस मामले को लेकर विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने भी चूरू में कहा कि आज प्रदेश के प्रत्येक थाने की यही स्थिति है. कमजोर अधिकारियों को जिले की बागडोर सम्भलायी गयी है. राठौड़ ने राजगढ़ थाने में कार्यरत 39 पुलिसकर्मियों द्वारा आईजी को दिये गये सामुहिक स्थानान्तरण के लिये पत्र का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें जिक्र है कि पुलिस के रोजमर्रा के काम में भी स्थानीय विधायक द्वारा अनुचित दवाब बनाया जाता रहा है.

स्थानीय विधायक आएं आगे
राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि प्रदेश में पहली दफा ऐसा हुआ है कि सामूहिक रूप से थाने के पुलिसकर्मी स्थानान्तरण की मांग करें. इस अनुचित दवाब का खुलासा होना चाहिये और स्थानीय विधायक को जांच के लिये आगे आना चाहिये. राठौड़ ने कहा कि हम किसी पर आरोप नहीं लगा रहे हैं बल्कि तथ्यों के आधार पर बोल रहे हैं.