जयपुर: जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद भारतीय जनता पार्टी ने युवाओं को अपनी मूल संस्कृति और विचारधारा से जोड़ने के लिए एक विशेष पहल की है। पार्टी ने निर्णय लिया है कि अब 'जेन-जी' शब्द के स्थान पर 'युवा शक्ति' शब्द का प्रयोग किया जाएगा। भाजपा संगठन का मानना है कि 'युवा शक्ति' शब्द भारतीय मूल्यों और पार्टी की सोच के अत्यधिक अनुकूल है, इसलिए सभी नेताओं को 'जेन-जी' बोलने से बचने की सलाह दी गई है।

संगठन महामंत्री का सख्त निर्देश

जयपुर में भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित जयपुर संभाग के शीर्ष नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक में संगठन महामंत्री अजेय कुमार ने यह स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने बैठक में मौजूद सभी पदाधिकारियों और नेताओं को सख्त निर्देश दिए कि अब सार्वजनिक मंचों या बातचीत में 'जेन-जी' शब्द का प्रयोग पूरी तरह बंद किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के युवाओं को संबोधित करते समय केवल 'युवा शक्ति' शब्द का ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

स्थानीय मुद्दों और चुनावों पर मंथन

इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान आगामी निकाय चुनावों की तैयारियों के साथ-साथ क्षेत्र के ज्वलंत स्थानीय मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में पार्टी नेताओं को साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत और सड़कों के लंबित कार्यों को तुरंत प्रभाव से पूरा कराने का काम सौंपा गया। नगरीय विकास एवं आवासन (यूडीएच) मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने अधिकारियों को सभी प्रशासनिक व्यवस्थाएं शीघ्र दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए।

यूडीएच विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल

बैठक में यूडीएच विभाग के कामकाज को लेकर कुछ पार्टी पदाधिकारियों ने खुलकर अपनी नाराजगी भी व्यक्त की। पदाधिकारियों का आरोप था कि विभाग में उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिससे जनहित से जुड़े कई कार्य अटके पड़े हैं। इस असंतोष को देखते हुए यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने सांसदों, विधायकों और जिलाध्यक्षों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपते हुए जनता के काम प्राथमिकता से कराने के निर्देश जारी किए।