पुरानी पेंशन को लेकर कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक ने किया ऐलान


भोपाल । मध्यप्रदेश में पुरानी पेंशन योजना को लेकर एक विधायक ने बड़ी घोषणा कर दी है, उनका साफ कहना है कि अगर मध्यप्रदेश में कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ नहीं मिलता है, तो मैं भी पेंशन नहीं लूंगा। गौरतलब है कि विधानसभा में कर्मचारियों की पुरानी पेंशन स्कीम को लेकर आधा दर्जन से अधिक कांग्रेस विधायकों ने राज्य सरकार से सवाल किए थे। अब ग्वालियर में दक्षिण क्षेत्र के विधायक प्रवीण पाठक कर्मचारियों के समर्थन में खड़े हो गए हैं। उन्होंने बकायदा घोषणा कर दी है कि अगर कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन स्कीम लागू नहीं होगी तो मैं भी पेंशन नहीं लूंगा।
विधायक पाठक ने अपने क्षेत्र के कर्मचारियों से ओल्ड पेंशन स्कीम पर राय जानी थी। उनके ग्वालियर दक्षिण ऐप पर 93 फीसदी से अधिक लोगों ने पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने पर सहमति जताई थी। इसके बाद विधायक ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कर्मचारियों को अपना समर्थन दिया। इसमें कहा, मेरी पहली प्राथमिकता ओल्ड पेंशन स्कीम को लागू करवाना है। शासकीय कर्मचारी पूरे जीवन समाज की, प्रदेश व देश की सेवा करते हैं उन्हीं के कारण उनका विभाग और सरकार शीर्ष पर होती है। इसलिए सरकार को उनकी चिंता करनी चाहिए। कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के बाद जीवनयापन का एकमात्र सहारा होती है पेंशन। कर्मचारियों के हित में ओल्ड पेंशन स्कीम लागू की जाए। गौरतलब है कि ओल्ड पेंशन स्कीम पर राज्य सरकार का रुख जानने छह विधायकों ने सदन में प्रश्न पूछे थे। इनमें सज्जन सिंह वर्मा, संजय वर्मा, सोहनलाल वाल्मीक, विनय सक्सेना, चौधरी सुजीत मेर सिंह और भूपेंद्र मरावी थे।

2005 में लागू की गई एनपीएस
प्रदेश में 1 जनवरी 2005 या उसके बाद नियुक्त शासकीय सेवकों के लिए नई पेंशन स्कीम (एनपीएस) लागू की गई है। कर्मचारी के सेवाकाल में जमा राशि के आधार पर पेंशन तय होती है। इसमें 40 प्रतिशत प्रतिमाह पेंशन में और 60 प्रतिशत एकमुश्त दी जाती है। नई पेंशन स्कीम को विसंगतिपूर्ण नहीं माना। अन्य राज्यों में ओपीएस पर कहा, किसी राज्य से तुलना नहीं की जा सकती। पुरानी पेंशन बहाली का प्रस्ताव नहीं है। इस संबंध में कर्मचारियों द्वारा ज्ञापन देना सतत प्रक्रिया है। नई पेंशन में 490564 अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। एनपीएस में 2021 तक 10 प्रतिशत और ओपीएस में 14 प्रतिशत अंशदान सरकार जमा करा रही है। अब तक 10483 करोड़ रुपए की धनराशि इसमें जमा कराई गई है।