इन्दौर। सस्ती बिजली यानि इंदिरा गृह ज्योति योजना के तहत अधिकतम 150 यूनिट माह खर्च करने वालों को शासन की ओर से पीले बिल दिए जा रहे हैं। इसमें अधिकतम 100 यूनिट तक बिजली एक रूपए प्रति यूनिट में प्रदान की जा रही हैं, शेष यूनिट की दर सामान्य टैरीफ से वसूली जा रही हैं। इस तरह 150 यूनिट माह की सीलिंग पर उपभोक्ता को 400 रूपये से कम बिल मिल रहा हैं, यह बिल पहले 940 रूपये से ज्यादा का मिलता था।
मप्र शासन ने एक रूपए में एक यूनिट बिजली अधिकतम 100 यूनिट तक देने की इंदिरा गृह ज्योति योजना लागू की हैं। इस योजना में सितंबर से हर पात्र घरेलू उपभोक्ता को सब्सिडी प्रदान की जा रही हैं, अधिकतम सब्सिडी 531 रूपए प्रति उपभोक्ता प्रति माह हैं। मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में सितंबर, अक्टूबर और नवंबर माह में सतत इस योजना से लाभार्थी बढ़े व ताजा स्थिति में लाभार्थियों की संख्या 31 लाख से ज्यादा हो गई हैं। हर जिले में लाखों उपभोक्ता इंदिरा गृह ज्योति योजना के तहत रियायती दर पर एक रूपए यूनिट की दर से बिजली प्राप्त कर रहे हैं, इस योजना से संबंधित उपभोक्ताओं को पीले रंग के बिल दिए जा रहे हैं। योजना में शामिल सभी उपभोक्ताओं को माह के दौरान अधिकतम खपत 150 यूनिट तक होने पर पीले रंग का बिल प्रदान किया जा रहा हैं, 150 यूनिट माह से ज्यादा खपत होने पर सामान्य टैरीफ का कुल राशि वाला सफेद बिल प्रदाय किया जा रहा हैं।
मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इन्दौर के प्रबंध निदेशक श्री विकास नरवाल ने बताया कि सबसे ज्यादा उपभोक्ता इन्दौर शहर से तीन लाख 30 हजार इंदिरा गृह ज्योति योजना में लाभ प्राप्त कर रहे हैं। धार, खरगोन, रतलाम, मंदसौर, उज्जैन, देवास ऐसे जिले हैं जहां औसतन ढाई लाख से ज्यादा उपभोक्ता इंदिरा गृह ज्योति योजना में एक रूपए यूनिट के हिसाब से बिजली प्राप्त कर रहे हैं।
:: उपभोक्ताओं की प्रतिक्रियाएं :: 
धनवंतरी नगर इन्दौर में रहने वाले कैलाश मोहे का कहना है कि मेरे परिवार का पहले बिजली खर्च 800 रूपये आता था,  तीन माह से 90 से 120  रूपए बिल आया हैं। मुझे यह सरकार का बड़ा तोहफा मिला हैं। प्रदेश सरकार को धन्यवाद देता हूं। इसी तरह संभाग के बड़वानी जिले के घटवा में रहने वाले गोपाल प्रसाद  पाल कहते हैं कि  प्रदेश सरकार ने किसानों व घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिल की राशि में कमी कर तोहफा दिया हैं। हमें सतत तीन माह एक रूपए यूनिट की दर के बिजली बिल मिल रहे हैं।