नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार को बिहार के वैशाली में जनसभा को संबोधित किया। सभा को संबोधित करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद जो हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन पाकिस्तान और बांग्लादेश में थे, वह अब तीन प्रतिशत भी नहीं बचे हैं। 

 

गृह मंत्री ने कहा कि राहुल बाबा और लालू यादव बताएं वह कम कैसे हुए। उन्होंने सीएए के विरोध कर रहे विपक्ष को लेकर कहा कि सीएए के विरोध में कांग्रेस-ममता एंड कंपनी ने देश में दंगे करवाए हैं। मैं बिहार के मुस्लिमों को बताने आया हूं कि सीएए से किसी की नागरिकता नहीं जाएगी। 

अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने धर्म के आधार पर देश का विभाजन कराकर गलत किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं के धर्मपरिवर्तन कराए गए, उनकी हत्याएं कराई गई, इसलिए वह यहां आने को मजबूर हुए हैं। 

गृह मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान में मंदिर-गुरुद्वारे तोड़े गए। इसलिए वहां से लोग प्रताड़ित होकर यहां आए। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने कहा था 26 सितंबर 1947 को कहा था कि पाकिस्तान में रहने वाला हर हिंदू और सिख भारत आ सकता है। उसे नौकरी और आश्रय देना आजाद भारत की जिम्मेदारी है। 

कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए शाह ने कहा कि गांधी जी की इस बात को नेहरू, राजेंद्र प्रसाद, कृपलानी जी और मौलाना आजाद ने भी दोहराया। कांग्रेस वाले हमारी नहीं मान रहे अपने नेताओं की तो मान लें।

गौरतलब हो कि इससे पहले अमित शाह सीएए पर दिल्ली, जोधपुर, गांधीनगर और जबलपुर में सभाएं कर चुके हैं। शाह की इस जनसभा में राज्य के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय भी संबोधित करेंगे। 

सीएए पर जदयू साथ, लेकिन एनआरसी का कर रही विरोध
फिलहाल बिहार में एनडीए की सरकार है। भाजपा के नेता जहां एनआरसी के पक्ष में हैं, लेकिन जदयू को यह बात मंजूर नहीं है। सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार यह साफ कह चुके हैं कि बिहार में एनआरसी लागू नहीं होगा। राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी (एनपीआर) के मुद्दे पर सोमवार को नीतीश ने विधान परिषद में कहा था कि इस पर सदन में चर्चा होन चाहिए।