जोधपुर. राजस्थान हाई कोर्ट से उदयपुर (Udaipur) शहर में गत 29 जनवरी को एनआरसी (NRC) और एनपीआर (NPR)  के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने के आरोपियों को आंशिक राहत मिली हैं. पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों पर दर्ज एफआईआर (FIR) रद्द करवाने को लेकर कोर्ट में पेश की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए बुधवार को हाईकोर्ट जस्टिस मनोज कुमार गर्ग की कोर्ट ने  केस डायरी को तलब किया गया. इसके साथ ही आरोपियों को आंशिक राहत देते हुए पुलिस नो कोर्सिव एक्शन (No Coercive Action) के आदेश दिए गए हैं.

बहुजन क्रांति मोर्चा ने भारत बंद के आह्वान पर प्रदर्शन किया, हिंसा हुई
देशभर के कई हिस्सों में एनआरसी व एनआरपी के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों की तर्ज पर झीलों की नगरी उदयपुर में भी गत 29 जनवरी काे भारत बंद के अाह्वान के तहत बहुजन क्रांति मोर्चा के बेनर तले उदयपुर में भी बन्द करवाया गया. बहुजन क्रांति मोर्चा के भारत बंद आह्वान पर  उदयपुर में विभिन्न यूनियन, व्यापारिक अाैर सामाजिक संगठनों ने समर्थन की घोषणा की थी. इस प्रदर्शन के दौरान व्यापक तौर पर हिंसा हुई थी. इस दौरान पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा था.

22 लोगों पर FIR दर्ज हुई

इस प्रदर्शन को लेकर पुलिस विभाग की ओर से 22 लोगों पर एफ आई आर दर्ज की गई थी. इस एफआईआर को रद्द कराने को लेकर बहुजन क्रांति मोर्चा के पीआर सालवी और 21 अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से राजस्थान हाईकोर्ट में एक विविध अपराधी की याचिका 482 पेश की गई थी. जिसकी सुनवाई बुधवार को हाईकोर्ट जस्टिस मनोज कुमार गर्ग की कोर्ट में हुई.

आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक
मामले में सुनवाई करते हुए जस्टिस मनोज कुमार गर्ग की कोर्ट ने मामले की केस डायरी तलब करते हुए याचिकाकर्ताओं को मामूली राहत दी. कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को आंशिक राहत प्रदान करते हुए नो कोर्सिव एक्शन के अंतरिम आदेश दिए. अब आगामी आदेश तक पुलिस इन आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकती.यह था पूरा मामला
राजस्थान की झीलों की नगरी उदयपुर  में गत 29 जनवरी को नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ भारत बंद के आह्वान पर हंगामा कर रहे युवकों पर पुलिस ने बल प्रयोग के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया था. उदयपुर के कलेक्ट्रेट चौराहे के पास कुछ युवकों ने CAA का विरोध करते हुए जमकर हंगामा किया था. इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों पर जमकर लाठियां भांजी गईं थी.  दिल्ली गेट पर पुलिस को उपद्रवियों को काबू में करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा था. नारेबाजी कर प्रदर्शनकारियों ने करीब 15 मिनट तक उत्पात मचाते हुए हंगामा किया था. इस दौरान प्रदर्शनकारी व व्यापारी आमने-सामने हो गए थे.