नई दिल्ली । रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद सोमवार को एक बार फिर उच्चतम न्यायालय की दहलीज पर पहुंच गया। मुस्लिम पक्ष के मूल याचिकाकर्ता के प्रतिनिधियों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार याचिका लगाई है। अयोध्या मामले में गत 9 नवंबर को शीर्ष अदालत का ऐतिहासिक फैसला आने के लगभग 3 हफ्ते बाद जमीयत-उलेमा-ए-हिंद ने पुनर्विचार याचिका दाखिल की है। 217 पन्नों की इस याचिका में याचिकाकर्ता ने संविधान पीठ के फैसले पर सवाल उठाए हैं। याचिका में मुस्लिम संगठनों का पक्ष दोबारा सुने जाने की मांग की गई है। उल्लेखनीय है कि अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल किए जाने को लेकर मुस्लिम पक्षों की राय बंटी हुई थी। इससे पहले सुन्नी वक्फ बोर्ड इस मामले में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने से इंकार कर चुका है।