अयोध्या । अयोध्या जमीन विवाद  को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य रामविलास दास वेदांती ने बड़ा बयान देकर दावा किया कि राम जन्मभूमि पर बनने वाला मंदिर विश्व का सबसे ऊंचा मंदिर होगा। उन्होंने कहा कि 1,111 फुट ऊंचा मंदिर का शिखर होगा। मंदिर के शिखर पर लगी लाइट इस्लामाबाद और कराची से दिखाई देगी। राम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य रामविलास दास वेदांती ने कहा कि मैंने पूर्व में कहा था कि क्रमवार होगा राम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण। वहीं ट्रस्ट विवाद पर कहा ये मीडिया की देन है। वेदांती ने कहा कि ट्रस्ट को लेकर साधु संतों में किसी तरह का विवाद नहीं है। राम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य ने मांग करते हुए कहा कि रामानंद संप्रदाय का हो राम जन्मभूमि निर्माण के लिए बनाए जाने वाली ट्रस्ट का अध्यक्ष। वहीं न्यास अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास का ट्रस्ट में रहना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू परिषद के निर्धारित मॉडल पर ही राम मंदिर का निर्माण होगा।
पुनर्विचार याचिका पर वेदांती ने कहा, हाथी चलता रहता है कुत्ते भौंकते रहते हैं। कोई भी पुनर्विचार याचिका स्वीकार नहीं होगी। वहीं रामलला के मंदिर निर्माण को कोई ताकत नहीं रोक सकती। इसके पहले महंत सुरेश दास ने कहा कि पीएम मोदी और सीएम योगी के कार्यकाल में ही भव्य राम मंदिर का निर्माण किया जाएगा। राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर महंत सुरेश दास ने दावा किया कि इसमें विश्व हिन्दू परिषद, निर्वाणी अखाड़ा, निर्मोही अखाड़ा और दिगंबर अखाड़ा भी शामिल रहेगा।