जयपुर. राजस्थान (Rajasthan) के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई बहस के जवाब में गुरुवार को केंद्र सरकार और बीजेपी (BJP) पर जमकर आरोप लगाए. गहलोत ने कहा कि आपने दिल्ली में देखा, सत्ता पक्ष के लोग गृह युद्ध भड़का रहे हैं, जिन्होंने आजादी की जंग लड़ी वो पार्टी कैसे देश को कमजोर कैसे कर सकते हैं. आपके (बीजेपी) लोग एक मुख्यमंत्री को आतंकवादी कहते हैं, आपके लोग 'इन गद्दारों को, गोली मारो ... को', यह भाषण देते हैं. केंद्रीय मंत्री, आपके मुख्यमंत्री 'ऐसे नहीं मानेंगे तो गोली से मानेंगे'. कोई मुख्यमंत्री अपनी जुबान से अवाम के लिए ऐसे शब्द निकाल सकता है कि 'ऐसे नहीं मानेंगे तो गोली से मानेंगे?' कहां जा रहा है मुल्क? और भी कई मंत्रियों ने क्या-क्या बातें कहीं. यह भी कहा गया कि मुख्यमंत्री अराजकता फैला रहे हैं. हम अराजकता फैला रहे हैं? हमारे यहां शांति मार्च निकला, लोग साथ चले और मुल्क में मैसेज गया कि शांति मार्च निकाला, सरकार के मुख्यमंत्री ने खुद उसको लीड किया. आपको मालूम है. एक जगह नारा नहीं लगा उसके अंदर? तख्तियां लेकर चल रहे थे. आपको मालूम है कि डिवाइडर पर कई गमले लगे हुए हैं और एक फूल नहीं टूटा? आपको मालूम है कि झंडे लेकर चल रहे थे, एक झंडा नीचे नहीं गिरा? एक मैसेज गया देश के अंदर कि ऐसा भी शांति मार्च होता है. उत्तर प्रदेश के अंदर, 15 लोग मारे गये. 'बदला लूंगा मैं', यह मुख्यमंत्री बोल रहा है. बदला लूगा मैं जनता से. क्या ऐसा बोल सकता है मुख्यमंत्री?

समय बताएगा, कौन सत्य के रास्ते पर चल रहा
सीएम गहलोत ने कहा, देश में दो लोग राज कर रहे हैं, समय बताएगा, कौन सत्य के रास्ते पर चल रहा है. देश बर्बाद हो रहा है, खुद की नाकामियां छिपाने को आरोप लगा रहे हैं. देश की अर्थव्यवस्था बर्बाद हो रही है, इसका असर राजस्थान पर भी हो रहा है. जीएसटी सहित केंद्रीय सहायता में भारी कमी आ रही है, इसमें बीजेपी के सांसद भी मदद करें, राज्य की कई योजनाएं अटकी पड़ी हैं. मेमू कोच, रेल लाइन के प्रोजेक्ट केंद्र में अटके पड़े हैं, रिफाइनरी को बर्बाद कर के रखा गया. पांच साल तक क्यों अटकाए रखा?

राजस्थान के फंड में कटौती

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के हालात खराब हैं, बेरोजगारी की दर सबसे ज्यादा है. पहले पनगड़िया आए छोड़कर चले गए, अरविंद सुब्रह्मण्म छोड़कर चले गए. इसके क्या कारण है? विशेषज्ञ कह रहे हैं कि देश की अर्थव्यवस्था आईसीयू में है. केंद्र से राजस्थान को मिलने वाले फंड में 17 हजार करोड़ के आसपास की कटौती की गई है.