अजमेर. राजस्थान के अजमेर (Ajmer) जिले में तैनात महिला आईएएस अधिकारी का नाम लिए बिना उसके अश्लील वारयल वीडियो होने का हवाला देते हुए फेसबुक पर पोस्ट कर कानूनी घेरे में फंसे कांग्रेस नेता और अजमेर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राजेश टंडन (Rajesh Tandon) को हाईकोर्ट से राहत मिली है. अपने खिलाफ दर्ज चार मुकदमों को निरस्त करने के लिए टंडन ने हाईकोर्ट में वाद दायर किया था जिस पर हाईकोर्ट ने बुधवार को राज्य सरकार और अन्य पक्षकारों को नोटिस जारी करते हुए मामले की सुनवाई की अगली तारीख जो कि 18 मार्च तय की गई है तब केस डायरी तलब की है. इसके साथ ही कोर्ट ने पुलिस से इस मामले में (कोरोसिव एक्शन) सख्ती नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं. हाईकोर्ट के इस फैसले से टंडन को राहत इस लिहाज से भी मिल गई है कि अगली तारीख यानी 18 मार्च तक टंडन पर लटक रही गिरफ्तारी की तलवार और चालान पेश होने का डर फिलहाल टल गया है. लेकिन पुलिस अपनी जांच लगातार कर सकती है.

3 आईएएस महिला अधिकारियों के अदालत में 164 के बयान दर्ज
फिलहाल  इस मामले में पुलिस ने अभी तक तीन आईएएस महिला अधिकारियों के अदालत में 164 के बयान दर्ज करा लिए हैं और राजेश टंडन को भी नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया गया है. हालांकि अभी तक टंडन से पुलिस पूछताछ नहीं कर सकी है. साथ ही पुलिस ने कई मीडियाकर्मियों के भी बयान लिए हैं जो कि विभिन्न व्हाएट्स ग्रुप के एडमिन हैं. इसके अलावा भी पुलिस इस मामले से जुडे़ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लोगों से भी पूछताछ कर रही है और मामले की बहुत सावधानी और बारीकी से पड़ताल कर रही है.

राजेश टंडन से अभी तक नहीं हुई पुलिस पूछताछ

चूंकि यह मामला आईएएस महिला अधिकारियों से जुड़ा हुआ है और काफी हाईप्रोफाइल हो चुका है इसलिए इस मामले में जिला पुलिस मीडिया से कुछ ज्यादा जानकारियां साझा नहीं कर रही है. इस बारे में जांच अधिकारी डिप्टी एसपी प्रियंका रघुवंशी का कहना है कि अभी उनके पास हाईकोर्ट के आदेश नहीं मिले हैं इसलिए वे ज्यादा कुछ नहीं कह सकती हैं. आदेश मिलने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है. साथ ही राजेश टंडन भी अभी तक पूछताछ के लिए पुलिस को उपलब्ध नहीं हुए है.

अजमेर में कार्यरत है 5 आईएएस महिला अधिकारी, 4 ने किया केस
राजेश टंडन ने पिछले दिनों अपने ब्लॉग में बिना नाम लिए अजमेर में पोस्टेड महिला आईएएस अधिकारी का एक अश्लील वीडियो वायरल होने का हवाला देते हुए सभी से उसे वायरल और देखने से परहेज करने की नसीहत दी थी. इस मामले को लेकर अजमेर जिले में कार्यरत पांच महिला आईएएस अधिकारियों ने इस पर गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए कानूनी कार्यवाही करने का मन बनाया था. जिले में पदस्थापित पांच में से चार आईएएस महिला अधिकारियों ने शहर के सिविल लाइन्स और कोतवाली थाने में अलग-अलग चार मुकदमें भी दर्ज कराए थे.दिल्ली के गलियारों में भी चर्चा
इस मामले को लेकर अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि राजेश टंडन ने जिस कथित वारयल अश्लील वीडियो क्लिप का हवाला दिया था वह असली है या नकली है. लेकिन इस सबके बीच इस मामले को लेकर चर्चाएं न सिर्फ राजस्थान में बल्कि दिल्ली के गलियारों में भी हो रही हैं. महिला अधिकारियों को लेकर इस तरह की टिप्पणी करना को प्रशासनिक अमले में कड़ा विरोध और सख्त नाराजगी जताई है.

18 मार्च को मामले की अगली सुनवाई
 आईएएस एसोसिएशन के साथ ही आरएएस एसोसिएशन ने इसकी निंदा करते हुए अजमेर एसपी को कार्यवाही के लिए पत्र भी लिखा है तो अन्य प्रशासनिक संगठनों ने भी अपना विरोध दर्ज कराया है. इस मामले में राजेश टंडन शुरू से एक ही बात कह रहे है कि उन्होनें किसी भी महिला अधिकारी का नाम नहीं लिया और जिस वायरल वीडियो का उन्होंने हवाला दिया उसकी चर्चाएं उन्होंने सुनी इसलिए एहतियातन सावधानी बरतने और उसको वायरल होने से बचने के लिए उन्होंने यह ब्लॉग लिखा था. फिलहाल, हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अब यह मामला अदालत के दरवाजे पर पहुंच गया है जहां 18 मार्च को मामले की अगली सुनवाई होगी.