नई दिल्ली । दिल्ली के चुनावी दंगल में उतर चुके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को द्वारका की चुनावी रैली में केजरीवाल सरकार पर जमकर हमला किया। पीएम ने कहा कि दिल्ली को दोष देने वाली नहीं, दिशा देने वाली सरकार चाहिए। उन्होंने कहा कि वोटिंग से 4 दिन पहले दिल्ली में बीजेपी के पक्ष में ऐसा माहौल कई लोगों की नींद उड़ा रहा है।  पीएम ने अरविंद केजरीवाल बयानों की तरफ इशारा कर कहा कि दिल्ली को ऐसी राजनीति नहीं चाहिए जो आतंकी हमले के समय भारत के पक्ष को कमजोर करे, जो अपने बयानों से दुश्मन को भारत पर वार करने का मौका दे दे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, सोमवार को पूर्वी दिल्ली में और आज द्वारका में यह साफ हो गया है कि 11 फरवरी को क्या परिणाम आने वाले हैं। दिल्ली को बढ़ाने के लिए, राष्ट्रहित के भाव को बुलंद रखने के लिए आपके इस जोश और जुनून को मैं आदरपूर्वक नमन करता हूं। दिल्ली का यह चुनाव इस दशक का पहला चुनाव है। यह दशक भारत का दशक होने वाला है और भारत की प्रगति उसके आज लिए गए फैसले पर निर्भर करेगी। आज एक तरफ इन फैसलों को लेने वाला पक्ष और दूसरी तरफ फैसलों के खिलाफ खड़ा विपक्ष है। आज देश की राजधानी को इस दशक का 2030 तक का दिल्ली का रास्ता दिखाना है। यह काम आप सभी दिल्ली के मेरे मतदाता भाइयों-बहनों को 8 फरवरी को करना है। दिल्ली और देश के हित में इस बार एकजुट और एक स्वर में पूरी ताकत के साथ हमें खड़ा होना है।'
इस मौके पर अरविंद केजरीवाल पर गरीबविरोधी होने का आरोप लगाते हुए पीएम ने कहा कि गरीबों की भलाई वाली योजनाओं की राह में दिल्ली में रोड़े अटकाए गए। उन्होंने कहा,  आप सोचिए, जो गरीब का हित चाहेगा, जिसके दिल में गरीब के लिए दर्द होगा, क्या वह गरीब को सरकार की योजनाओं से वंचित करेगा क्या? कितना भी राजनीतिक विरोध हो लेकिन गरीबों की भलाई में कोई रोड़े अटकाएगा क्या? लेकिन दिल्ली में पिछले 5 साल से गरीबों की भलाई की राह में रोड़े अटकाना ही चल रहा है। केंद्र की योजनाओं को लागू होने से पहले ही यहां मना कर दिया गया है। (शेम-शेम के नारे) अब 11 फरवरी के बाद आपको शेम-शेम नहीं बोलना पड़ेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'दिल्ली के गरीबों का क्या गुनाह है कि उन्हें 5 लाख तक मुफ्त इलाज की सुविधा देने वाली आयुष्मान भारत योजना का लाभ नहीं मिलता। आयुष्मान भारत योजना में एक विशेषता है। मुद्दा 5 लाख का नहीं है। अगर दिल्ली का कोई नागरिक जो इस योजना का लाभार्थी है वह किसी काम से ग्वालियर गया, भोपाल गया, सूरत, नागपुर, हैदराबाद, चेन्नै गया और अचानक वहां बीमार हो गया तो यह मोहल्ला क्लिनिक वहां जाएगा क्या? लेकिन यह आयुष्मान भारत योजना दिल्ली में लागू होती और दिल्ली का कोई लाभार्थी वहां किसी काम से गया होता, वहां गंभीर से गंभीर स्वास्थ्य समस्या से परेशान होता तो 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज होता।दिल्ली वालों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपना घर नहीं मिलता। आजादी के 70 सालों बाद गरीब से गरीब को भी रहने के लिए घर मिलना चाहिए कि नहीं? पक्का घर मिलना चाहिए या नहीं? कोई ऐसा दल हो सकता है क्या, कोई ऐसा नेता हो सकता है क्या कि इस योजना में भी रोड़े लटका दे। कितनी विकृत मानसिकता रही होगी जो गरीबों के प्रति इतनी नकारात्मक सोच रखती है।'
'सर्जिकल और एयरस्ट्राइक पर सवाल उठाने वालों को सजा देगी दिल्ली'
पीएम ने कहा,यही वजह है कि दिल्ली के लोगों ने लोकसभा चुनाव के समय बीजेपी पर विश्वास जताया और इसी विश्वास के चलते दिल्ली वाले कह रहे हैं कि देश बदला अब दिल्ली बदलेगी। दिल्ली को ऐसी सरकार भी चाहिए जो समय आने पर देश के पक्ष को मजबूत करे, हमारे वीर सैनिकों के साथ खड़ी हो। दिल्ली को ऐसी राजनीति नहीं चाहिए जो आतंकी हमले के समय भारत के पक्ष को कमजोर करे, जो अपने बयानों से दुश्मन को भारत पर वार करने का मौका दे दे। सर्जिकल और एयरस्ट्राइक जैसे फैसलों के बाद किस तरह के बयान आए, यहां की सरकार में बैठे लोगों ने कैसे-कैसे बयान दिए थे, हर दिल्ली वाले में वह गुस्सा है। 8 तारीख को यह गुस्सा निकलेगा, दिल्लीवासी उन्हें सजा देगी। '
प्रधानमंत्री ने कहा, मुझे दिल्लीवासियों पर भरोसा है। दिल्ली में ऐसा नेतृत्व चाहिए जो सीएए, आर्टिकल 370 जैसे राष्ट्रीय सुरक्षा के तमाम मुद्दों पर देश का साथ देने वाला हो। उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि ये लोग बाटला हाउस के आतंकियों के लिए रो सकते हैं, उनका साथ देने के लिए सुरक्षा बलों को कठघरे में खड़ा कर सकते हैं लेकिन दिल्ली का विकास नहीं कर सकते। सीएए बनने के बाद देश और दिल्ली के लोग पहले दिन से देख रहे हैं कि कैसे अफवाहें फैलाई जा रही हैं। दिल्ली की जनता सबकुछ देख रही है। सबकुछ समझ रही है।'
'यमुना रिवरफ्रंट से बदलेगी दिल्ली की सूरत'
पीएम मोदी ने कहा, यमुना को साफ करने के अलावा हमारी सरकार यमुना रिवरफ्रंट परियोजना पर काम कर रही है। यह 21वीं सदी में दिल्ली का शान बनेगा। दिल्ली के लिए एक नया फेफड़े का काम करेगा यमुना रिवरफ्रंट।' प्रधानमंत्री ने कहा कि पुराने धरोहरों को सहेजने के साथ-साथ नए धरोहर बनाने का काम हो रहा है। उन्होंने कहा, 'इंडिया गेट हो, लालकिला हो, देश की संसद हो इन सभी की भव्यता को बढ़ाया गया है। एक समय था कि लाल किला पर लोग 15 अगस्त को ही जाते थे।लेकिन अब वहां नेताजी सुभाष चंद्र बोस को समर्पित क्रांति मंदिर का शुभारंभ हुआ है। 
मोदी ने इस दौरान पुलिस पर किए गए आपत्तिजनक बयान देने वालों हमला करते हुए कहा कि दोस्तो,यहां जो सरकार में उच्च पद पर बैठे हुए हैं इन्होंने पुलिस के लिए कैसे अभद्र शब्द का इस्तेमाल किया था, याद है न। पुलिस के 33 हजार जवानों ने इस देश के लिए शहादत दी है, उस पुलिस को यहां के नेता कैसी भाषा में बोलते थे। एक तरफ वहां संस्कार है, वो सोच है, दूसरी तरफ हमारे संस्कार हैं, हमारी सोच है। हमने पुलिस मेमोरियल बनाकर शहीदों के बलिदान को नमन किया है। बता दें कि केजरीवाल ने दिल्ली पुलिस को एक बार ठुल्ला कहा था।
'असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को भी हम दे रहे पेंशन'
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे देश में असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के बारे में कभी चर्चा नहीं होती। इतने सालों तक किसी सरकार ने इनसे यह नहीं पूछा कि बुढ़ापे में या किसी हादसे की स्थिति में क्या करते हो, कैसे जीवन बिताते हो? हमारी सरकार ने ऐसे लोगों को 60 वर्ष की उम्र के बाद 3 हजार रुपये पेंशन की व्यवस्था की है। छोटे दुकानदारों को भी 3 हजार रुपये मासिक पेंशन की योजना पर काम चल रहा है। ऐसे निर्णय ही एक संवेदनशील समाज के संस्कार मजबूत करता है। हर भारतवासी, दिल्लीवासी के जीवन को आसान बनाना हमारी प्राथमिकता है।
8 फरवरी राष्ट्रविरोधी राजनीति करने वालों की छुट्टी करने का दिन'
पीएम मोदी ने कहा कि बीजेपी जब कोई संकल्प लेती है तो उसे जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास करती है। हम आखिरी 6 महीने का इंतजार नहीं करते, हम शुरू में ही काम शुरू कर देते हैं। हमारे काम को लोग गिनते-गिनते थक जाते हैं। दिल्ली को सुरक्षित बनाने, अराजकता और हिंसा से मुक्ति दिलाने के लिए, विश्व स्तरीय राजधानी बनाने के लिए कमल के निशान पर बटन दबाना है। याद रखिए, 8 फरवरी को छुट्टी नहीं है, राष्ट्रविरोधी राजनीति करने वालों की छुट्टी करने का यह दिन है। बड़ी तादाद में वोट डालिए। ठंड अगर ज्यादा भी हो फिर भी सुबह-सुबह बूथ के लिए निकलना है। आप पोलिंग बूथ जीत गए तो दिल्ली भी जीत जाएंगे।