नयी दिल्ली। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आजादी के नारे लगाने वाले प्रदर्शकारियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश तो पहले ही आजाद है। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 19 (1) के तहत देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रयोग किया जाता है, लेकिन यह अनुच्छेद हमें इस तरह की आजादी पर समुचित प्रतिबंध की भी याद दिलाता है। प्रसाद ने ट्वीट किया, हम आजकल कुछ जगहों पर आजादी-आजादी के नारे सुन रहे हैं। किस से आजादी? लोग खुलकर सरकार की आलोचना करते हैं। वह किसी को चुन सकते हैं या किसी को नकार सकते हैं। उनमें से कुछ विश्वविद्यालयों का घेराव और पुलिस के खिलाफ नाराजगी भी जता चुके हैं। फिर किससे आजादी? प्रसाद ने सरकार और संवैधानिक संस्थानों के खिलाफ आरोपों को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा, किसने भारत के चुनाव आयोग पर आरोप लगाए? किसने सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ परोक्ष टिप्पणी की? मीडिया के खिलाफ तरह-तरह के आरोप कौन लगा रहा है? बालाकोट के खिलाफ सबूत किसने मांगे? यह सब इसलिए क्योंकि राहुल गांधी सीधे तौर पर आपका (सरकार का) सामना नहीं कर सकते। भारत की राजनीति में ये बहुत परेशान करने वाले क्षण हैं। अवॉर्ड वापसी करने वालों पर भी प्रसाद ने जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब पाकिस्तान में हिंदू लड़कियों के साथ बलात्कार किया जाता है और अल्पसंख्यकों को धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जाता है तो क्या उनकी दुर्दशा उन्हें उत्तेजित नहीं करती है?