रायसीना डायलॉग में हिस्सा लेने दिल्ली पहुंचे ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने बुधवार को कहा कि खाड़ी क्षेत्र में तनाव कम करने में भारत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। जरीफ का यह बयान ऐसे समय में आया है जब  ईरानी मेजर जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है।

वहीं भारत भी यह कहता रहा है कि वह जल्द से जल्द तनाव कम करने के पक्ष में है। भारत ईरान, संयुक्त अरब अमीरात, ओमान और कतर सहित प्रमुख पक्षों के साथ संपर्क में है, क्योंकि इस क्षेत्र में उसके महत्वपूर्ण हित हैं।

ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने कहा कि ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या संयुक्त राज्य अमेरिका की अज्ञानता और अहंकार को दिखाता है। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन अपने दृष्टिकोण से चीजों को देखता है और क्षेत्र के हितों को ध्यान में नहीं रखता है।

जरीफ ने एक कार्यक्रम में कहा कि अमेरिका अपने परिप्रेक्ष्य से चीजों को देखता है, उसे इस क्षेत्र के नजरिए से कोई मतलब नहीं है। सुलेमानी की हत्या अज्ञानता और अहंकार दिखाती है। 430 भारतीय शहरों में सुलेमानी की हत्या के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और राज्य के सचिव माइक पोम्पियो पर निशाना साधते हुए कहा कि वे एकमात्र व्यक्ति थे, जिन्होंने सुलेमानी की मृत्यु पर इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) के साथ जश्न मनाया।

जरीफ ने कहा कि कौन सुलेमानी की हत्या का जश्न मना रहा है? राष्ट्रपति ट्रंप, माइक पोम्पियो और दायेश (आईएसआईएस का अरबी नाम)। इस महीने की शुरुआत में वाशिंगटन के बगदाद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हवाई हमले में सुलेमानी की मौत के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है। सुलेमानी की मौत के बाद तेहरान ने इराक में अमेरिकी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना के दो सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागकर जवाबी कार्रवाई की थी। जिससे इस क्षेत्र में संघर्ष बढ़ गया है।

यात्री विमान को मार गिराना एक भूल थी
जरीफ ने यूक्रेनी एयरलाइन्स को मार गिराने के लिए खेद व्यक्त किया और कहा कि यह तनाव के कारण हुआ। जरीफ ने कहा कि सुलेमानी की याद में ईरान की सड़कों पर करीब नौ लाख लोग उतरे थे। आप इतने लोगों को विरोध करने के लिए नहीं ला सकते हैं। एक विमान का नीचे गिरना एक गलती थी। 180 परिवार अपने प्रियजनों के खोने का शोक मना रहे हैं। यह तनाव के कारण हुआ।  यूक्रेन इंटरनैशनल एयरलाइंस का बोइंग 737 विमान तेहरान से उड़ान भरने के कुछ समय बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। ईरान द्वारा इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए मिसाइल हमले के कुछ देर बाद यह विमान हादसा हुआ था। 

यह पूछे जाने पर कि क्या मौजूदा संकट के कूटनीतिक समाधान का मौका है, जरीफ ने अमेरिका के साथ बातचीत करने से साफ इनकार कर दिया। जरीफ ने कहा कि ईरान कूटनीति में रुचि रखता है। हमें अमेरिका के साथ बातचीत में कोई दिलचस्पी नहीं है।