राज्यपाल श्री लाल जी टंडन ने कहा कि महापुरुषों के स्मरण से मानवता के महान पथ पर चलने की प्रेरणा मिलती है। व्यक्ति में अच्छे विचार, आचरण और सदाचार की नई ऊर्जा और शक्ति का संचार होता है। उन्होंने कहा कि प्रभु यीशु के स्मरण से दीन-दुखियों की सेवा समानता, न्यायप्रियता, भाईचारे का भाव, आनंद की अनुभूति और अनुसरण का उत्साह मिलता है। श्री टंडन आज राजभवन में क्रिसमस की पूर्व संध्या पर कैरोल सिंगिंग के लिए आए, सेंट मेरी सीनियर हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्राओं, प्राचार्य, शिक्षकों और ईसाई धर्म गुरूओं को संबोधित कर रहे थे।

राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने कहा कि प्रभु यीशु ने सारी दुनिया को सुखी और आनंदमय जीवन का रास्ता दिखाया है। मानवता का पथ-प्रदर्शन किया है। उन्होंने सेवा, सहयोग और शांति का पैगाम दिया है। उन्होंने कहा कि प्रभु यीशु के जन्म की पूर्व संध्या पर कैरोल सिंगिंग द्वारा महापुरुष के आगमन की सूचना ने आनंद की अनुभूति का संचार किया है। उन्होंने सभी को क्रिसमस की शुभकामनाएँ, बधाई और सरप्राइज गिफ्ट दिये।

कार्यक्रम के प्रारंभ में राज्यपाल का फादर सौंदर्यराज, प्राचार्य सेंट मेरी स्कूल सिस्टर मेरी कोनीकर ने स्वागत किया। उन्होंने शाल, पुष्प-गुच्छ और नववर्ष की शुभकामनाओं का कार्ड राज्यपाल को भेंट किया। फादर मारिया स्टीफन ने कैरोल सिंगिंग की परंपरा और कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रभु यीशु के आगमन की घर-घर जाकर कैरोल सिंगिंग द्वारा सूचना देने की परंपरा है। गीतों के माध्यम से देश-प्रेम, न्याय, भाईचारा, समानता और बंधुत्व का संदेश प्रसारित किया जाता है।

आभार प्रदर्शन सुश्री इंदिरा आयंगर ने किया। पादरी केशव प्रदान ने क्रिसमस का संदेश दिया तथा कार्यक्रम का संचालन किया। स्कूली बच्चों द्वारा शुभकामना और बधाई गीतों का गायन करते हुए कैरोल सिंगिंग प्रस्तुत की। फादर एलेक्जेंडर ने सांताक्लॉज के वेश में कार्यक्रम में भाग लिया।