बूंदी.  प्रदेश में आगामी 17 जनवरी को पंचायत चुनाव (Panchayat Election) के पहले चरण के लिए मतदान (Voting) होना है. चुनाव के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में कई रोचक (Interesting) नजारे देखने को मिल रहे हैं. ऐसा ही एक नजारा बूंदी जिले (Bundi district) में सामने आया है. यहां अरनेठा ग्राम पंचायत (Aranetha Gram Panchayat) में सरपंची के लिए दो सगे भाई (Real brother) आमने-सामने डटे हैं. दोनों में से कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं है. वे अपनी-अपनी जीत के दावे (claim) करते हुए समर्थकों के साथ चुनाव प्रचार में जुटे हैं.

सरपंच पद के लिए 8 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं

अरनेठा ग्राम पंचायत में सरपंच पद के लिए 8 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं. इनमें दो सगे भाई छोटूलाल मेघवाल और बजरंगलाल मेघवाल भी शामिल हैं. सरपंची के लिए सगे छोटे भाई के सामने डटे छोटूलाल मेघवाल बीए पास हैं. वे मनरेगा में मैट हैं. छोटूलाल बरसों से रामदेवजी के भंडारे से जुड़े हैं. छोटूलाल ग्रामीणों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और विकास करवाने के वादे के साथ चुनाव मैदान में डटे हुए हैं. वे अपनी जीत पक्की मानकर चल रहे हैं.


दोनों के अपनी-अपनी जीत के दावे

वहीं बड़े भाई के सामने ताल ठोकने वाले छोटे भाई बजरंगलाल सातवीं पास हैं. वे ठेकेदार के काम से जुड़े हैं. बजरंगलाल ने राममूर्ति बाई और सीमा दो महिलाओं से शादी की थी. उनसे उनके चार बच्चे हैं. लेकिन उनकी दोनों पत्नियों का स्वर्गवास हो चुका है. बड़े भाई छोटूलाल ने नामांकन के दौरान अपने छोटे भाई बजरंगलाल से नाम वापिस लेने का अनुरोध किया था. लेकिन बजरंगलाल ने उनके आग्रह को ठुकरा दिया. बजरंगलाल का तर्क है कि ठेकेदारी के कार्य के चलते गांव के अधिकतर लोगों से उनका जुड़ाव है. लिहाजा उनके पास वोट ज्यादा हैं. दोनों भाई जी जान से चुनाव प्रचार में जुटे हैं. दोनों ही भाई अपने-अपने समर्थकों के साथ जीत के दावे कर रहे हैं.

पहले चरण में 2,726 ग्राम पंचायतों में चुनाव होंगे

उल्लेखनीय है कि पंचायत चुनाव के प्रथम चरण में प्रदेश की 87 पंचायत समितियों की 2,726 ग्राम पंचायतों में चुनाव होंगे. इसमें 26,800 वार्डों में पंच-सरपंच चुने जाएंगे. इसके लिए 10,206 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. मतदान 17 जनवरी को होगा. उसके बाद दूसरे चरण का चुनाव 22 जनवरी को होगा, जबकि तीसरे चरण का चुनाव 29 जनवरी को होगा. चौथे चरण का चुनाव 1 फरवरी को प्रस्तावित था, लेकिन फिलहाल इस पर रोक लगा दी गई है.