उदयपुर. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (Anti Corruption Bureau) उदयपुर में पूरी तरह से एक्शन के मोड में है. यहां ब्यूरो ने महज तीन दिन के अंतराल के भीतर ही एक और पुलिसकर्मी (Policeman) पर शिकंजा कस दिया है. गुरुवार को एसीबी ने एक हेड कांस्टेबल को जुआरी (Gambler) से 15 हजार रुपए की मासिक बंधी (Bribe) लेते धरदबोचा. पकड़ा गया हेड कांस्टेबल महेन्द्र सिंह मूलत: भीलवाड़ा जिले का रहने वाला और वर्तमान में उदयपुर शहर के अंबामाता पुलिस थाने (Ambamata Police Station) में पदस्थापित है.

थाने में ही रिश्वत लेते हुए पकड़ा

ब्यूरो के अनुसार इस मामले को लेकर कृष्णपुरा निवासी नरेन्द्र शर्मा ने एसीबी को शिकायत दर्ज कराई थी. उसकी शिकायत का एसीबी ने सत्यापन करवाया तो वही सही पाई. इस पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने गुरुवार को अपना जाल बिछाया और हेड कांस्टेबल को रंगे हाथों गिरफ्तार करने का प्लान तैयार किया. एसीबी के इशारे पर परिवादी रिश्वत की राशि लेकर थाने पहुंचा. वहां उसने जैसे ही हेड कांस्टेबल को 15 हजार रुपए की रिश्वत की राशि दी ब्यूरो की टीम ने उसे धरदबोचा.


कम्प्यूटर के लिये भी रकम की मांग की

जानकारी के अनुसार हाल ही में उदयपुर में जुआरियों के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया था. इस कार्रवाई के बाद आरोपियों को जमानत भी मिल गई थी. उनकी जमानत होने के बाद अंबामाता थाने में तैनात हेड कांस्टेबल महेन्द्र सिंह ने जुआ खिलाने वालों से बंदी का प्लान बनाया. फरियादी ने बताया कि महेन्द्र सिंह ने मासिक बंधी की राशि देने का दबाव बनाना शुरू किया. इसी के साथ एक कम्प्यूटर के लिये भी रकम की मांग की गई. फरियादी का कहना है कि बार-बार परेशान करने पर उसने एसीबी को इसकी शिकायत दर्ज कराई.

तीन दिन में दो पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई

उल्लेखनीय है कि उदयपुर में तीन दिनों में दो खाकी वर्दीधारी गिरफ्तार हो चुके हैं. दो दिन पहले खेरवाडा थाने के एसएचओ भंवर विश्नोई को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने ढाई लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था. उसके बाद अब एक और खाकी वर्दीधारी ने पुलिस पर बड़ा दाग लगा दिया.