बिलासपुर । कहते है ऊर्जा की बचत ही ऊर्जा की बढ़त है इसलिए ऊर्जा का संरक्षण बहुत ही जरूरी है। रेलवे एक विशाल संगठन होने के नाते यहां ऊर्जा का इस्तेमाल एक बड़ स्तर पर किया जाता है। इसलिए यह जरूरी हो जाता है कि ऊर्जा कि खपत संतुलित रूप से कि जाए एवं जहां आवश्यक हो वहां ऊर्जा कि बचत भी की जाए। वर्तमान परिदृश्य में ऊर्जा उत्पादन की प्रक्रिया में पर्यावरण को भी काफी नुकसान हो रहा है एवं आज पूरा विश्व ग्लोबल वार्मिंग के खतरे को दूर करने के नये.नये उपाय ढूंढ रहा है। इसी कारण रेलवे जैसे वृहद संगठनो में भी ऊर्जा संरक्षण एवं गैर परंपरागत ऊर्जा के स्त्रोतों का अधिकाधिक उपयोग जरूरी हो गया है ।  दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में ऊर्जा संरक्षण सप्ताह का आयोजन 8 से 14 दिसंबर तक मनाया गया । इस सप्ताह के दौरान तीनों मंडलो सहित पूरे दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में ऊर्जा संरक्षण जागरूकता से संबन्धित अनेकों कार्यक्रम आयोजित किए गए। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ऊर्जा के संरक्षण के मामले में प्रारंभ से ही आदर्श रहा है। गैर.परंपरागत ऊर्जा के विभिन्न स्रोतों में सौर ऊर्जा एक सर्वश्रेष्ठ विकल्प है। गैर.परंपरागत श्रोतों से ऊर्जा उपलव्ध कराने एवं ऊर्जा संरक्षण की दिशा में बेहतर योगदान के तहत पूरे दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में अनेकों जगह सोलर पावर प्लांट के निर्माण किए गये है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में अब तक कुल 4.439 मेगा वाट क्षमता की सौर ऊर्जा स्थापना की प्रक्रिया जारी है।  इसके साथ ही साथ प्राकृतिक ऊर्जा के संसाधनों का भरपुर उपयोग के लिए रेलवे हास्पिटलए रनिंग रुमए ट्रेनिंग स्कूल एवं अनेको लेवल क्रासिंगों में सौर उर्जा पैनल लगाये गए हैं। इसके अतिरिक्त व्यावसायिक उपयोग हेतु भिलाई में 50 मेगा वाट क्षमता की सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना पर भी कार्य किए जा रहे है। इसके साथ ही साथ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे  द्वारा यात्री सुविधाए ऊर्जा संरक्षण एवं पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव की दृष्टि  से पूरे जोन के सभी स्टेशनों एवं कार्यालयोंए कारखानोंए वर्कशापों में जहां चौबीसों घंटे काम चलता है तथा रेलवे कालोनियों में प्रकाश व्यवस्था के लिए 100 प्रतिशत एलईडी लाईट लगाने का लक्ष्य रखा गया हैए जिसके अंतर्गत 1101 कार्यालय भवनो में एलईडी लाईट लगाए जा चुके है तथा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के सभी 277 स्टेशनों में शत प्रतिशत  एलईडी लाइट से प्रकाश की  व्यवस्था उपलब्ध कराई गई हैए जिससे लगभग 5.50 करोड़ प्रतिवर्ष की बचत की जा रही है। इसी कड़ी में पिछले 4.5 वर्षो में लगातार दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में लगातार हर वर्ष सौर ऊर्जा क्षमता में नियोजित तरीके से वृद्धि की गई है जिसे वर्षवार दिये गए ग्राफ में देखा जा सकता है। राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण सप्ताह के अवसर पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, न्यू ऑफिसर क्लब में विद्युत विभाग, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के तत्वाधान में लाइटिंगए सौर ऊर्जाए ऊर्जा परिदृष्य एवं उनके प्रभाव के विषय पर एक तकनीकी सेमीनार एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में गौतम बनर्जी, महाप्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे उपस्थित थे। इस अवसर पर ओमप्रकाश केसरी, प्रधान कार्यकारी निदेशकआरडीएसओ लखनऊ, एस.एन.दुबे, प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर, समस्त विभागाध्यक्ष, मंडल रेल प्रबंधक बिलासपुर, अधिकारीगण एवं विद्युत विभाग के सुवपरवाइजर व कर्मचारी भी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, न्यू ऑफिसर क्लब में आज विधुत विभाग के द्रारा अनेक कंपनियो द्रारा विभिन्न प्रकार की एलईडी लाइटए फेन, वायर सहित अनेक मोडल का प्रदर्शनी का आयोजित किया गया है। इस  प्रदर्शनी का निरीक्षण दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे महाप्रबंधक प्रधान कार्यकारी निदेशक आरडीएसओ लखनऊ एवं सभी विभागाध्यक्ष सहित अधिकारीगण ने किया। इस कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप ओमप्रकाश केसरी प्रधान कार्यकारी निदेशक आरडीएसओ लखनऊ ने राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण सप्ताह के अवसर पर उन्होने अपने संक्षिप्त भाषण में कहा कि ऊर्जा संरक्षण की  बचत को अपने जीवन में उतारना  चाहिए। सेमिनार में विद्युत विभाग के द्वारा सौर ऊर्जाए पवन ऊर्जा तथा आज के परिप्रेक्ष्य में इको फ्रेंडली तथा ऊर्जा की बचत करने वाले उपकरणों व इनके प्रभाव के बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया एवं साथ ही रेलवे के विद्युत और डीजल इंजनों में लगने वाले हेड लाइटए स्टेशनों कार्यालयों में लगने वाले एलईडी लाइटों तथा अन्य उपकरणों के बारे में भी विस्तारपूर्वक बताया गया तथा इनके द्वारा ऊर्जा बचत के विभिन्न उपायों की चर्चा की गई। महाप्रबंधक गौतम बनर्जी ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि यह एक अच्छी पहल है एवं आगे भी इस प्रकार के आयोजन होते रहना चाहिए। आगे उन्होनें उर्जा संरक्षण पर बल देते हुए कहा कि हमें ऊर्जा की बचत को अपने स्वभाव में उतारने की जरूरत पर बल दिया। आने वाले युवा पीडिय़ों के लिए एक उर्जा संरक्षण के बारे जानकारी देना बहुत जरूरी है जिससे नए तकनीकी प्रणाली की जानकारी हो सके। साथ ही उन्होने आगे कहा कि ऊर्जा संरक्षण नए.नए प्रयोगों पर सतत् ध्यान केन्द्रित करना है जिससे कि ऊर्जा की बचत कर देश के विकास में हम ज्यादा से ज्यादा सहभागी बनें।