नई दिल्ली,फोर्टिस हेल्थकेयर के प्रमोटर शिविंदर मोहन सिंह को दिल्ली की एक अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में 19 दिसंबर तक के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हिरासत में भेज दिया। मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला रैलिगेयर फिन्वेस्ट लिमिटेड (RFL) से जुड़ा है। ईडी ने फोर्टिस हेल्थकेयर के प्रमोटर शिविंदर मोहन सिंह को गुरुवार को अरेस्ट किया था। उन्हें रेलिगेयर फिन्वेस्ट लिमिटेड से जुड़े 740 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़ा मामले में अरेस्ट किया है। ईडी ने इससे पहले मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में सिंह भाइयों से जुड़े कई ठिकानों पर अगस्त में छापेमारी की थी।

इससे पहले उन्हें दिल्ली की आर्थिक अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया था और फिलहाल वह तिहाड़ में हैं। बता दें कि इस मामले में दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। अपराध शाखा ने अक्टूबर में उनके अलावा बड़े भाई मालविंदर सिंह, कंपनी के पूर्व सीएमडी सुनील गोधवानी, कवि अरोड़ा तथा अनिल सक्सेना को भी गिरफ्तार किया है।

क्या है मामला
दरअसल, रेलिगेयर के एक सीनियर मैनेजर ने आरोप लगाया था कि कंपनी और उसकी सब्सिडियरी रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड से धोखाधड़ी की गई और 'सैकड़ों करोड़ रुपये की हेराफेरी कई फाइनैंशल ट्रांजैक्शंस के जरिए की गई। उनकी शिकायत पर दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने एफआईआर दर्ज की थी। इसमें सिंह ब्रदर्स के अलावा, आरईएल के फॉर्मर सीएमडी सुनील गोधवानी और स्टॉक ब्रोकर एन. के. घोषाल के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया।