लखनऊ. समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) मैनपुरी के जसवंतनगर से विधायक और रिश्ते में चाचा शिवपाल यादव की विधानसभा की सदस्यता समाप्त करने की याचिका वापस ले रहे हैं. इसके लिए उन्‍होंने विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित को पत्र लिखा गया है. इससे शिवपाल की पार्टी में वापसी की संभावना तेज हो गई है.

दरअसल, सैफई में होली के अवसर पर पूरा यादव कुनबा एकजुट हुआ था. पैतृक गांव सैफई में अखिलेश व शिवपाल दोनों एक मंच पर आए थे. इस दौरान अखिलेश ने शिवपाल के पैर भी छुए थे. हालांकि, जब अखिलेश और शिवपाल जिंदाबाद के नारे लगे तो अखिलेश नाराज भी हुए थे. उन्होंने कार्यकर्ताओं को इशारों में ही सीमा न लांघने की बात कही थी.

पिछले साल सदस्यता समाप्त करने की दी गई थी याचिका


बता दें कि पार्टी में एकाधिकार को लेकर वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले ही चाचा-भतीजे के बीच महाभारत शुरू हो गई थी. शिवपाल ने विधानसभा चुनाव के बाद प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) नाम से अपनी अलग पार्टी बना ली थी. पिछले साल सितंबर में सपा ने शिवपाल की सदस्यता समाप्त करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष के यहां याचिका दाखिल की थी.

नेता प्रतिपक्ष ने की पुष्टि

नेता प्रतिपक्ष नेता प्रतिपक्ष राम गोविन्द चौधरी ने इस याचिका को वापस करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा है. इसमें उन्होंने लिखा है कि आपके सम्मुख जो याचिका विचाराधीन है, उसमें पूरे प्रपत्र नहीं लगे हैं. जरूरी प्रपत्र हम प्रस्तुत नहीं कर सके हैं. इस कारण आपको निर्णय लेने में भी असुविधा हो रही है. इसलिए याचिका को वापस कर दिया जाए.

राम गोविन्द चौधरी ने बताया कि याचिका वापसी को पत्र लिखा गया है. इसे दोबारा लगाया जाएगा या नहीं, इसका निर्णय राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव लेंगे. वहीं, विधानसभा अध्यक्ष ह्दय नारायण दीक्षित ने बताया कि उनके ऑफिस में याचिका वापस करने का पत्र मिल गया है. फिलहाल विधानसभा सचिवालय बंद चल रहा है. इसका परीक्षण कराया जाएगा और जो भी विधि व संविधान सम्मत होगा वह निर्णय लिया जाएगा.