पार्टनर के साथ यौन संबंध बनाने की इच्छा नैचरल चीज है। हालांकि, लगातार ऐसी इच्छा बनी रहे तो यह महज फिजिकल अट्रैक्शन से ज्यादा हो सकता है। हम बता रहें हैं कुछ लक्षणों के बारे में जो सेक्स अडिक्शन की ओर इशारा करते हैं।
यौन संबंध बनाने के बाद अगर सेक्स की इच्छा बनी रहे तो कुछ हद तक यह नॉर्मल है लेकिन सेक्स का अडिक्शन होने पर कितने भी बार संबंध बनाने पर संतुष्टि महसूस नहीं होती है।
मास्टरबेशन कितनी बार करना चाहिए यूं तो इसकी कोई सीमा तय नहीं है, लेकिन अगर कोई खाली समय में सिर्फ सेक्स के बारे में सोच मास्टरबेशन करता रहे तो यह यौन संबंध के प्रति उसकी लत को दिखाता है।
कपल्स के बीच में यौन संबंध रोमांस से जुड़ा होता है, लेकिन अगर व्यक्ति हर बार जल्दबाजी करते हुए सीधे पेनिट्रेशन सेक्स के स्टेप पर जंप करने की चाहत महसूस करे तो यह अडिक्शन की ओर इशारा हो सकता है।
सेक्स अडिक्ट के दिमाग में हमेशा यौन संबंध से जुड़े ख्याल चलते रहते है। इसका नतीजा यह होता है कि वह दूसरी चीजों पर ध्यान नहीं लगा पाता और इससे उसे अन्य काम करने में परेशानी आने लगती है।
अकेले रहने पर हमेशा पॉर्न देखते रहना भी सेक्स अडिक्शन को दिखाता है। इतना ही नहीं अन्य चीजें जैसे सेक्स गेम, सेक्सटिंग आदि में हमेशा व्यस्त रहना भी लत को दिखाता है।
अडिक्शन से पीड़ित लोगों के लिए काम इच्छा को कंट्रोल करना इतना मुश्किल होता है कि वह पार्टनर के साथ ही दूसरों के साथ भी सेक्स करने से हिचकिचाता नहीं है। इस स्थिति के बाद संभव है कि वे बुरा फील करें लेकिन इच्छा को वे कंट्रोल नहीं कर पाते हैं।