फिर भी ज़िंदगी हसीन है…


परिवर्तन ही एकमात्र ऐसी चीज़ हैं, जो निश्चित है। आमतौर पर परिवर्तन करना या परिवर्तित होना बड़ा मुश्किल लगता है लेकिन यक़ीन मानिएगा दोस्तों बड़े से बड़ा परिवर्तन भी एक छोटे से निर्णय और उसके बाद उठाए गए एक छोटे से कदम से शुरू होता है। बस यह निर्णय लेना और उस निर्णय के अनुसार पहला कदम उठाना ही थोड़ा मुश्किल होता है।

अगर आप अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना चाहते हैं, कोई बड़ा सपना हक़ीक़त में पूरा करना चाहते हैं तो कोई बहुत बड़ा परिवर्तन लाने की आवश्यकता नहीं है। बस सबसे पहले स्वयं पर विश्वास करना शुरू कीजिए कि हम अपने जीवन और दुनिया को और बेहतर बना सकते हैं। यक़ीन मानिएगा यह वाक़ई बहुत सरल है। अगर मैं अपने जीवन के अनुभव से कहूँ तो अपनी आदतों में परिवर्तन करने के लिए उठाए गए छोटे-छोटे कदमों से बड़े-बड़े परिवर्तन लाए जा सकते हैं या सपने पूरे किए जा सकते हैं।

अगर आप अपने जीवन में 360 डिग्री परिवर्तन लाना चाहते हैं तो आज और कल के लेख में बताई गई दस छोटी-छोटी आदतों पर अगले 90 दिनों तक मात्र 2-2 मिनिट कार्य करके देखिएगा। यक़ीन मानिएगा दोस्तों, आप अपने जीवन में वो परिवर्तन देखेंगे या उन लक्ष्यों को पाएँगे जिनकी कल्पना कर पाना भी सामान्यतः मुश्किल होता है। लेकिन आगे बढ़ने से पहले मैं आपको बता दूँ कि जल्द और बेहतर परिणाम के लिए आप प्रतिदिन छोटे नोट या अनुस्मारक लिखकर उसे ऐसे स्थान पर रखें जहाँ से वह आपको बार-बार दिखे और आपको इन कदमों के बारे में याद दिला सके। तो चलिए दोस्तों आज हम सीखते हैं दस सूत्रों में से प्रथम चार सूत्र-

पहला सूत्र -अपने सबसे महत्वपूर्ण कार्य को पहचाने और उसपर तत्काल 2 मिनट के लिए काम करें
कई बार मूड, मौसम, विचारों अथवा स्वास्थ्य की वजह से हम आलस से भर जाते हैं और सोफ़े अथवा बेड पर ही पड़े रहकर दिन गुज़ारने लगते हैं। ऐसी स्थिति में किसी कार्य को शुरू करना बहुत मुश्किल हो जाता है। सबसे महत्वपूर्ण कार्य को पहचान कर सिर्फ़ दो मिनिट उस पर कार्य करें। कार्य को शुरू करने के बाद कई बार उस लय में बने रहना आसान हो जाता है। मैंने स्वयं इस तकनीक से खुद को वापस से ऐक्शन मोड़ पर लाने में कई बार सफलता पाई है। 

दूसरा सूत्र - दिन पूरा होने पर उसकी समीक्षा करें एवं जो अच्छा हुआ है उसकी सराहना करें
जब आप दिन में अच्छा व्यवहार, समय पर कार्य, दूसरों की मदद आदि करते हैं तो उसे याद करके आप खुद का आत्मसम्मान बढ़ाते हैं। ऐसे में दिन पूरा होने पर ‘जुगाली’ करना, अपने दिन को एक बार फिर प्रतिबिंबित करना, आपको इन अच्छाई वाली बातों को आपके मन में रजिस्टर करने में मदद करेगा और साथ ही खुश होने का मौक़ा भी देगा। जैसा आज के अपने लेख के बाद मैं अपने साथ करूँगा।

तीसरा सूत्र - खुश रहने के लिए छोटे लक्ष्य रखें 
सुबह उठते ही ईश्वर का धन्यवाद करने के बाद स्वयं को बताए कि आज आपने अपने लिए कौनसे छोटे लक्ष्य रखें हैं जो पूर्ण होने के बाद आपको ख़ुशी देंगे। जब आप कोई बात खुद से कहते हैं तो वह बात हर पल आपके दिमाग़ में रहती है और ऐसे में उन चीजों को पाने के लिए आप अपने आप काम करने लगते हैं। ऐसे में रोज़ के छोटे-छोटे काम जैसे खाना खाना, योगा या कसरत करना आदि काम ना रहकर, खुश होने के कारण बन जाते हैं।

कई बार लोग गलत धारणा बना लेते हैं कि छोटी बातों पर खुश होने से हम बड़े लक्ष्यों से भटक जाते हैं। लेकिन मेरी नज़र में यह एक ग़लत धारणा है। याद रखिएगा दोस्तों खुश रहकर सब-कुछ किया जा सकता है, लेकिन ख़ुशी पाने के लिए कुछ भी नहीं किया जा सकता। साथ ही ख़ुशी आंतरिक गतिरोध को कम कर ऊर्जा बढ़ाती है और ऊर्जा आपको लक्ष्य तक पहुँचने की शक्ति देती है।

चौथा सूत्र - तनाव अथवा दबाव की स्थिति में रुके और गहरी श्वास लें 
भागदौड़ भरी इस ज़िंदगी में कार्य का भार एवं समय सीमा का दबाव तनाव पैदा कर देता है। ऐसी स्थिति में एक छोटा सा ब्रेक लें। शांत बैठें और अपने ध्यान को श्वास पर केंद्रित करते हुए गहरी और धीमी श्वास लें। ठीक ऐसा ही श्वास छोड़ते हुए करें। किसी भी बारे में कुछ ना सोचें, जो विचार आ रहे हैं उन्हें आने दें। यह आपके दिमाग को शांत करेगा और उसके बाद आप अपने काम को अधिक केंद्रित और तनाव मुक्त रहते हुए अच्छे मूड के साथ फिर से शुरू कर सकते हैं।

दोस्तों आज के लिए इतना ही, कल हम सीखेंगे 2 मिनिट प्रतिदिन में जीवन बदलने के 10 सूत्रों में से बचे हुए 6 सूत्र।

-निर्मल भटनागर
एजुकेशनल कंसलटेंट एवं मोटिवेशनल स्पीकर 
dreamsachieverspune@gmail.com