लखनऊ। थाईलैंड , किर्गिस्तान, कजाकिस्तान और बांग्लादेश से उत्तर प्रदेश पहुंचे तबलीगी जमात के विदेशी मेहमानों ने कोरोना फैलान का जुर्म कबूल कर लिया है। लखनऊ की सीजेएम कोर्ट ने 51 आरोपियों को जेल में बिताई गई अवधि और 15-15 सौ रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इन सभी पर कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन के दौरान केंद्र और राज्य की गाइडलाइंस के उल्लंघन का आरोप लगा था। इसके साथ ही टूरिस्ट वीजा पर मस्जिदों में घूम-घूम कर तबलीगी जमात में शामिल होने का आरोप भी लगा है। आरोपियों के खिलाफ बहराइच, सीतापुर ,भदोही और लखनऊ में मामले दर्ज किए गए थे।
  इधर, दिल्ली की एक अदालत ने 35 तब्लीगी जमात के सदस्यों के पासपोर्ट जारी करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने इन सभी को निजामुद्दीन मरकज मामले में बरी कर दिया था। दिसंबर 2020 में निजामुद्दीन मरकज़ से जुड़े 35 विदेशी जमातियों को साकेत कोर्ट ने बरी कर दिया था। सभी 36 जमातियों पर कोविड महामारी एक्ट के उल्लंघन का आरोप था। यह कोई पहला मौका नहीं जब इस मामले में जमाती बरी किए जा रहे हैं। इससे पहले भी सैंकड़ों जमाती जुर्माना भरने या बरी होने के बाद अपने देशों को वापिस जा चुके हैं। मार्च के दौरान ही जमातियों पर चॉर्टड प्लेन से भारत छोड़ने के आरोप लगे थे।