शेयर बाजार में गिरावट के बावजूद, ये 6 Nifty 50 स्टॉक्स 14% तक बढ़े, जानें क्या हैं इसके कारण
नई दिल्ली: शेयर मार्केट में लगभग पांच महीनों में जमकर बिकवाली दर्ज की जा रही है. जिससे निवेशकों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है, और इसमें लगाम लगने के कोई संकेत भी नहीं मिल रहे हैं. इस दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 13 प्रतिशत नीचे गिर चुका है, जबकि अपने ऑलटाइम हाई लेवल 26,277.35 से 14 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है. बता दें कि सेंसेक्स ने 27 सितंबर 2024 को अपना ऑलटाइम हाई लेवल छुआ था.
लगातार पांचवे महीने गिरावट के साथ बंद होगा बाजार!
वहीं, मंथली बेसिस पर देखा जाए तो, निफ्टी 50 इंडेक्स अक्टूबर महीने में 6 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की, जबकि नंवबर में 0.31 फीसदी गिरा और दिसंबर में 2 फीसदी की गिरावट दर्ज की. जनवरी महीने में इंडेक्स ने 0.60 की गिरावट देखी, लेकिन फरवरी महीने में अबतक इसमें भारी बिकवाली दर्ज की गई है. फरवरी महीने में अब तक 4 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज कर चुका है, जो लगातार पांचवे महीने गिरावट के साथ बंद होने की ओर इशारा कर रहा है.
पिछले 1 महीने में मार्केट में ब्लडबाथ के बावजूद 6 स्टॉक में 14% की तेजी
बता दें कि निफ्टी 50 इंडेक्स 32 स्टॉक में लाल निशान के साथ जनवरी 25 से अबतक 2.4 फीसदी टूट चुका है. हालांकि 6 ऐसे फाइनेंशियल स्टॉक है, जिन्होंने मार्केट में ब्लडबाथ के बावजूद अपने निवेशकों को 15 फीसदी तक का रिटर्न दिया है.
बजाज फाइनेंस ने दर्ज किया सबसे अधिक उछाल
दरअसल, इस अवधि में बजाज फाइनेंस के शेयर प्राइस में 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जबकि श्रीराम फाइनेंस और IndusInd Bank के शेयर 9 फीसदी चढ़े हैं. इसके बाद, बजाज फिनसर्व के शेयरों में 8.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जबकि एक्सिस बैंक में 6.4 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया है. वहीं, कोटक महिंद्रा बैंक के स्टॉक में 4 फीसदी उछाल आया है.निफ्टी 50 इंडेक्स 32 स्टॉक में लाल निशान के साथ जनवरी 25 से अबतक 2.4 फीसदी टूट चुका है. हालांकि 6 ऐसे फाइनेंशियल स्टॉक है, जिन्होंने मार्केट में ब्लडबाथ के बावजूद अपने निवेशकों को 15 फीसदी तक का रिटर्न दिया है.
इस वजह से एक्टिव हुए निवेशक
बता दें कि इस लॉर्जकैप फाइनेंशियल कंपनियों के शेयरों में यह उछाल आकर्षित वैल्यूएशन और फाइनेंशियल ईयर 2024-25 की तीसरी तिमाही के बेहतर वित्तीय रिजल्ट के वजह से आई है. यह ही कारण है कि ट्रेडर्स और इंवेस्टर्स इन स्टॉक को इस लेवल पर खरीद रहे हैं.
क्या निफ्टी तोड़ेगा 28 साल पूराना रिकॉर्ड?
गौरतलब है कि अगर निफ्टी फरवरी महीने में भी गिरावट के साथ बंद हुआ, तो यह इसकी 28 साल में सबसे लंबी गिरावट होगी. इससे पहले साल 1996 में निफ्टी 50 लगातार पांच महीने गिरावट के साथ बंद हुआ था और दलाल स्ट्रीट के इतिहास में 34 साल में केवल दो बार ही ऐसी गिरावट देखने को मिली है. फॉरेन इस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स (FIIs) की ओर से एग्रेसिव बिकवाली की वजह से बाजार में यह गिरावट देखने को मिल रही है. FIIs ने अक्टूबर 2024 से अबतक 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक के इक्विटी शेयर बेच चुके हैं.

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