पितृदोष से मुक्ति पाने के लिए हर रोज करें हनुमानजी के ये पाठ, हर प्रकोप, भय और दोष होगा दूर
क्या आपको बार-बार असफलता का सामना करना पड़ रहा है? क्या घर में अकारण तनाव, रोग, आर्थिक तंगी या रिश्तों में कड़वाहट महसूस हो रही है? अगर हां, तो हो सकता है कि आप पितृदोष के असर से जूझ रहे हों. यह दोष वह अदृश्य बाधा है, जो पुरखों की अपूर्ण इच्छाओं या अनजाने कर्मों के कारण हमारी जिंदगी को प्रभावित कर सकती हैं. लेकिन अब आपको घबराने की जरूरत नहीं है. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, पितृदोष से राहत पाने के लिए अगर आप प्रतिदिन हनुमानजी के कुछ विशेष पाठ पूरे श्रद्धा और नियम से करें, तो इसका असर जल्द दिखने लगता है और आपको पितृदोष समेत सभी तरह के भय और प्रकोप से मुक्ति भी मिलेगी.
परिवार का माहौल रहता है अच्छा
ज्योतिष शास्त्र के अनुसरा, पितरों से मुक्ति के लिए हर रोज गीता का पाठ करना उत्तम माना गया है. ऐसा करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है और पितर प्रसन्न भी होते हैं. पितरों जब प्रसन्न होते हैं, तब वह वंशजों को आशीर्वाद देते हैं और परिवार का माहौल खुशनुमा बना रहता है.
सभी कष्ट होते हैं दूर
सभी तरह के दोष और भय से मुक्ति के लिए हर रोज भगवान राम और माता सीता के नाम का संकीर्तन करें. साथ ही सुंदरकांड का पाठ और गीता का पाठ करें. जिस जगह पर राम नाम का संकीर्तन होता है, वहां हनुमानजी जरूर पहुंचते हैं इसलिए नियमित रूप से घर में कुछ समय के लिए राम नाम का संकीर्तन अवश्य करें और ईश्वर से कष्टों को दूर करने की प्रार्थना करें.
सभी बाधाओं से मिलती है मुक्ति
पितृ दोष और कार्यों में चल रही बाधाओं से मुक्ति के लिए हर रोज बजरंग बाठ का पाठ अवश्य करें. बजरंग बाण का पाठ करने से सभी तरह के दुख दर्द और भय दूर हो जाते हैं. मान्यता है कि हनुमानजी के सामने बजरगं बाठ का पाठ और गुड़ व चने का भोग लगाने से हर इच्छा पूरी होती है और सभी तरह को दोष व बाधाएं भी दूर होती हैं. साथ ही सुख व सौभाग्य में वृद्धि होती है.
हर क्षेत्र में मिलती है सफलता
हर रोज हनुमान चालीसा और सुंदरकाठ का पाठ करने से हनुमानजी का आशीर्वाद मिलता है. साथ ही सभी तरह के कष्ट व दुखों से मुक्ति मिलती है और ग्रह-नक्षत्र का भी शुभ फल प्राप्त होता है. अगर आप हनुमान चालीसा और सुंदरकाठ का पाठ हर रोज करने में असमर्थ हैं तो शनिवार व मंगलवार के दिन अवश्य करें. इन पाठ के करने से पर्सनल व प्रफेशनल लाइफ में सफलता मिलती है और कष्ट भी दूर होते हैं.
किस तरह करें पाठ
– रोज सुबह सूर्योदय से पहले उठें.
– स्नान कर लाल या केसरिया वस्त्र पहनें.
– घर के मंदिर या साफ स्थान पर हनुमानजी की मूर्ति या चित्र के सामने दीपक जलाएं.
– लाल फूल, सिंदूर और चोला चढ़ाएं.
– ऊपर दिए गए पाठ में से कम से कम एक का संकल्पपूर्वक पाठ करें.
पाठ करते समय इन गलतियों से बचें
– पाठ करते समय जप में जल्दबाजी न करें.
– पाठ के दिन मांस, मदिरा, अधिक क्रोध या अपवित्र आचरण से बचें.
– किसी का उपहास या अपमान न करें, गरीब व जरूरतमंद, माता-पिता या वृद्ध आदि का.

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