कोरोना वायरस के लिए जारी दिशा निर्देशों के अनुसार स्वास्थ्य विभाग द्वारा विदेशों तथा अन्य प्रदेशों की यात्रा से लौटे हुए लोगों को नियमित रूप से ट्रेस कर रहा है। जिसके पश्चात उनका स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें होम आइसोलेशन तथा सेल्फ क्वारेंटीन में रखा जा रहा है। जिसकी स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियमित मॉनिटरिंग भी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग से मिले आंकड़े अनुसार 1 जनवरी से 4 अप्रैल 2020 तक विदेश से कुल 141 यात्री जिले में आये। जिनमें जनवरी माह में 5, फरवरी तक 37 यात्री एवं मार्च 2020 तक 99 यात्री विदेश की यात्रा कर जिले में लौटे थे। होम आइसोलेशन तथा होम क्वारेंटीन के लिए जारी नये दिशा-निर्देशानुसार होम आइसोलेशन तथा होम क्वारेंटीन की अवधि को 14 दिनों से बढ़ाकर 28 दिनों तक कर दिया गया है। जिसके अनुसार विदेश से लौटे कुल यात्रियों में 88 लोग 28 दिनों से ज्यादा होम आइसोलेशन में बिता चुके है। जिनमें 53 लोगों को क्वारेंटीन में रखा गया है। इसी प्रकार 4 अप्रैल तक कुल 5800 व्यक्ति अन्य राज्यों की यात्रा कर जिले में लौटे है। जिनकी स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्क्रीनिंग कर होम आइसोलेशन में रखा गया है। कुल 5800 लोगों में 126 लोगों ने होम आइसोलेशन में 28 दिन से ज्यादा पूर्ण कर लिया है तथा उनमें कोई लक्षण नही है। शेष 5674 लोग वर्तमान में होम आइसोलेशन की 28 दिनों की अवधि के तहत अपने-अपने घरों में है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन यात्रियों के घर पहुंचकर नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जा रही है।
मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में भर्ती मरीज की रिपोर्ट आयी नेगेटिव
चिकित्सकों की क्रिटिकल केयर मैनेजमेन्ट पर होने जा रही है टे्रनिंग
नोडल अधिकारी डॉ.विद गिल्ले ने बताया कि मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में भर्ती एक मरीज जिसे खांसी, श्वास फूलना एवं बुखार की समस्या होने पर भर्ती किया गया था। उसका सेम्पल लेकर टेस्ट के लिए भेजा गया, जिसकी रिपोर्ट नेगेटिव आयी है। अत: उक्त मरीज को जिला अस्पताल में आगे के इलाज के लिए पुन: शिफ्ट किया गया है। मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में आइसोलेशन वार्ड में बिस्तरों की संख्या बढ़ाकर 100 कर ली गई है। आज मेडिकल कालेज के डीन डॉ.लुका तथा जिला अस्पताल के अधीक्षक डॉ. मिंज ने मातृ शिशु चिकित्सालय का निरीक्षण किया तथा आईसीयू सेटअप के संबंध में जरूरी निर्देश दिए। मेडिकल कालेज से स्पेयर में रखे वेन्टीलेटर को मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में शिफ्ट किया गया। इसके अलावा आगामी 7 तारीख को निजी चिकित्सकों की टे्रनिंग रखी गई है। जिसमें कोरोना मरीज के उपचार के लिए एक मॉड्यूल बनाया गया है जिसके आधार पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा आगामी 6, 7 एवं 8 अप्रैल को मातृ एवं शिशु चिकित्सालय के चिकित्सकों का कान्फ्रेंस टे्रनिंग क्रिटिकल केयर मैनेजमेंट विषय पर विडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से फोर्टिस दिल्ली के चिकित्सकों के द्वारा टे्रनिंग दी जाएगी।