Kailash Vijayvargiya का बयान: ‘देश का नमक खाने वालों को वफादार रहना चाहिए’
जबलपुर। अपने जबलपुर प्रवास के दौरान मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर में वंदे मातरम गायन को लेकर उत्पन्न हुए हालिया विवाद पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि राष्ट्र के प्रति सम्मान प्रकट करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्त्तव्य है। विजयवर्गीय ने कहा कि कुछ लोग इस देश के संसाधनों का लाभ तो लेते हैं परंतु जब देश के प्रति वफादारी निभाने का अवसर आता है तो वे पीछे हट जाते हैं। उनका मानना है कि जिस भूमि पर हम निवास करते हैं और जिससे हमें पहचान मिली है, उसे माता के रूप में सम्मान देने में किसी भी प्रकार की आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
राष्ट्रभक्ति और नागरिक कर्त्तव्य याद रहें
मंत्री ने सामाजिक व्यवहार और राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति संवेदनशीलता पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी सामाजिक एवं राष्ट्रीय जिम्मेदारियों का भान होना चाहिए। उनके अनुसार वंदे मातरम मात्र एक गीत नहीं बल्कि मातृभूमि के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का माध्यम है। उन्होंने इस बात पर खेद प्रकट किया कि आज के दौर में भी कुछ लोग इस विषय पर अनावश्यक विवाद उत्पन्न कर रहे हैं। कैलाश विजयवर्गीय ने उम्मीद जताई कि भविष्य में ऐसे लोगों को सद्बुद्धि प्राप्त होगी और वे राष्ट्र की गरिमा को सर्वोपरि मानकर व्यवहार करेंगे।
विवादित विषयों पर एकजुट होना जरूरी
इंदौर के घटनाक्रम को लेकर उन्होंने सार्वजनिक मंच से यह संदेश देने का प्रयास किया कि वैचारिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन राष्ट्रभक्ति के विषयों पर एकजुटता अनिवार्य है। उन्होंने दोहराया कि धरती को माता कहना हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है और इसे किसी अन्य चश्मे से देखना अनुचित है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि देश के प्रति निष्ठा और समर्पण में कोई विकल्प नहीं होना चाहिए। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर जागरूकता बढ़ाने की बात भी कही ताकि आने वाली पीढ़ियों में राष्ट्र के प्रति उचित संस्कार और सम्मान का भाव बना रहे।

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