प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव के सपा में वापसी पर अखिलेश यादव ने कहा कि हमारा घर ठीक है। उनकी (शिवपाल सिंह यादव) पार्टी बनी रहेगी। जसवंतनगर से वे ही चुनाव लड़ेंगे। उनके साथ हमारा एडजस्टमेंट (समझौता) हो जाएगा।

बता दें कि पिछले दिनों समाजवादी पार्टी ने शिवपाल सिंह की विधानसभा सदस्यता निरस्त करने की याचिका वापस ले ली थी जिसे सैफई परिवार में एका होने के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, शिवपाल यादव ने भी अपने बयानों में अखिलेश का नेतृत्व स्वीकारने के संदेश दिए हैं। अखिलेश यादव ने अमर उजाला से बातचीत में कई मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी:


उन्होंने प्रदेश की योगी सरकार पर हमलावर होते हुए कहा कि भाजपा ने नफरत फैलाई है और झूठ बोला है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को डुबोने के लिए उनके अपने ही काफी हैं। उनके अपने विधायक घरों पर सरकार को कोस रहे हैं।
100 फीसदी झूठा प्रचार है सवा करोड़ लोगों को नौकरी देने का दावा

भाजपा ने धोखे से सरकार बनाई है। अब जनता को एक और धोखा दे रहे हैं। वे मनरेगा को नौकरी मान रहे हैं। मनरेगा कांग्रेस ने शुरू थी। ऐसे तो न जाने कितने करोड़ लोगों को रोजगार दिया होगा। प्रदेश सरकार ने रोजगार देने के लिए आयोग बनाया है। बाहर से आने वाले श्रमिकों की स्किल मैपिंग कराई है।

सरकार बताए कि आयोग में कितने लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया, उनमें से कितनों को नौकरी दी गई। किस स्किल में किसे नौकरी दी गई है। सवा करोड़ लोगों को नौकरी देने का दावा 100 फीसदी झूठा प्रचार है।

यह मुख्यमंत्री का उसी तरह का दिव्य गणित है जो उन्होंने बाहर से आने वालों के बारे में बताया था कि कहां से आने वाले कितने प्रतिशत श्रमिक कोरोना पॉजिटिव हैं। दिव्य गणित की तरह ही रोजगार देने की बात दिव्य झूठ है। इसमें युवाओं को नौकरी की बात नहीं है?

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोरोना संकट में 85 हजार लोगों की जान बचा ली
अमेरिका में ऐसी बहुत सारी बीमारियां नहीं हैं जो भारत में हैं। वहां एक भी केस नहीं जो गर्भवती महिला 500-600 किमी पैदल चली हो। प्रसव के बाद भी 100 किमी का सफर तय किया हो। अमेरिका में किसी का नाम लॉकडाउन सिंह या बॉर्डर सिंह रखा गया, हो तो बताएं। अमेरिका, स्पेन, इटली को देखने के बजाय सरकार चाहे तो फिर थाली और ताली बजवा ले और कहे कि देश में अब कोरोना वायरस नहीं है।


सरकार के फैसलों से अर्थव्यवस्था खत्म हो गई है


इस सरकार ने जो भी फैसले किए, सोच-समझकर नहीं किए। अभी पुराने फैसलों पर बात करने का समय नहीं है, लेकिन नोटबंदी, जीएसटी व कोविड-19 को लेकर फैसलों से अर्थव्यवस्था खत्म हो गई है। सरकार की व्यवस्था न होने से मजबूरी में भूखे-प्यासे मजदूर पैदल, साइकिल, बाइक व रिक्शों से घरों के लिए चल दिए।

इस दौरान उन्हें अपमान और उत्पीड़न झेलना पड़ा। कितने ही लोगों की मौत हो गई, सड़कों पर प्रसव हुए। सरकार की संवेदनहीनता है कि उसने लॉकडाउन में हादसों व अन्य कारणों से जान गंवाने वाले एक भी श्रमिक परिवार की आर्थिक मदद नहीं की। सपा ने 70 श्रमिक परिवारों को एक-एक लाख रुपये की सहायता दी।

सरकार चाहती तो गर्भवती महिलाओं के लिए मुख्य मार्गों पर एंबुलेंस की व्यवस्था कर सकती थी। प्रदेश में 90 हजार बसें हैं। प्लानिंग होती तो किसी भी मजदूर को घर जाने के लिए सैकड़ों किमी पैदल न चलना पड़ता।
दुनिया में पहली बार लोन को राहत पैकेज बताया जा रहा है


अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राहत पैकेज पर कहा कि यह राहत पैकेज नहीं, ऋण है। इसे वापस करना पड़ेगा। दुनिया में पहली बार लोन को राहत पैकेज बताकर प्रचारित किया गया। पुरानी योजनाओं को एक जगह क्लब किया गया है। किसानों को राहत देने के बजाय कर्ज पर जीने की सलाह दी जा रही है। खरीद केंद्र नहीं खुलने से किसानों को कई फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिल पाया। गन्ना किसानों का 17 हजार करोड़ रुपये भुगतान बकाया है। बुंदेलखंड में दलहन की खेती बर्बाद हो गई। फल-सब्जी के किसानों की कमर टूट गई।

ये वर्चुअल नहीं, खर्चुअल रैलियां हैं
अखिलेश यादव ने भाजपा द्वारा की जा रही रैलियों पर कहा कि ये वर्चुअल नहीं, खर्चुअल रैलियां हैं। भाजपा के पास फंड है, संसाधन हैं। हम इतना खर्च नहीं कर सकते। वर्चुअल रैली में 60-70 हजार एलईडी लगाए जाते हैं, जनरेटर, ट्रक, कार समेत साधन लगते हैं। वे  चीनी उपकरणों की मदद से खर्चुअल रैली कर रहे हैं और हम व्हाट्सएप कॉलिंग कर रहे हैं। व्हाट्सएप चीन का नहीं है। भाजपा को अगर डिजिटल तकनीक पर भरोसा है तो वादा करके क्यों छात्रों को लैपटॉप नहीं बांटे? क्यों मुफ्त में डाटा नहीं दिया? सपा सरकार में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का जो काम शुरू हुआ, उसे क्यों आगे नहीं बढ़ाती?

प्रदेश की कानून व्यवस्था पर बोले- कमी तो सरकार में है


प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर अखिलेश यादव ने कहा कि कमी तो सरकार में है। सरकार हट जाए तो सब ठीक हो जाएगा। सपा सरकार ने अपराध नियंत्रण के लिए आधुनिक वाहनों के साथ यूपी डायल 100 सेवा शुरू की। इसका रिस्पांस टाइम 5 से 10 मिनट था। महिलाओं की सुरक्षा व सम्मान के लिए 1090 वीमेन पावरलाइन शुरू की थी।

भाजपा सरकार ने इन सेवाओं को बर्बाद कर दिया। सरकार बदले की भावना से काम कर रही है। रामपुर के डीएम, एसपी, पूर्व डीजीपी और मुख्यमंत्री कार्यालय ने आजम खां को झूठे मामलों में फंसाने का काम किया। मुख्यमंत्री ने अपने खिलाफ हत्या व दंगे के केस वापस ले लिए। क्या इससे कानून-व्यवस्था सुधरेगी? राजनीतिक लोगों को फंसाने की जो गलती कांग्रेस करती थी, वही अब भाजपा कर रही है। यह तरीका ठीक नहीं है।

2022 के विधानसभा चुनाव के लिए रणनीति


अखिलेश यादव बोले, हम पिछली समाजवादी सरकार के काम और नया घोषणापत्र लेकर जनता के बीच जाएंगे। साइकिल लगातार चलेगी, रथ भी चलेगा। भाजपा ने धोखे के अलावा कुछ नहीं किया। उसके मेक इन इंडिया, अच्छे दिन, आत्मनिर्भर जैसे नारे फेल हो रहे हैं। लोग अपने आसपास देख रहे हैं। किसी के लिए कुछ किया हो तो बताएं। संकट के समय भी सपा सरकार के  समय की एंबुलेंस, अस्पताल, मेडिकल कॉलेज जनता के काम आ रहे हैं।

प्रधानमंत्री अब स्वीकार कर रहे हैं कि सोशल डिस्टेंसिंग के अलावा कोरोना का न इलाज है, न ही दवा। जब भाजपा जनता को गुमराह करके 325 सीटें जीत सकती है तो हम काम के बल पर 351 क्यों नहीं। समाजवादी पार्टी हर जाति, धर्म के लोगों को साथ लेकर, उनका सम्मान करके चुनाव में उतरेगी। सरकार के खिलाफ हर वर्ग में नाराजगी है।

क्या एंटी इनकंबेंसी फैक्टर बनेगा?
एंटी इनकंबेंसी पूरी है। भाजपा को डुबोने के लिए भाजपा के लोग ही काफी हैं। हमें तो बस मैनेजमेंट करना है। भाजपा विधायक घरों पर बैठकर अपनी ही सरकार को कोस रहे हैं। मंत्री नहीं समझ पा रहे कि क्या करें? भाजपा के एमएलए सरकार के खिलाफ खड़े हैं। सरकार सदन तक बुलाने की स्थिति में नहीं है। हालांकि 6 माह बाद सांविधानिक रूप से सदन आहूत करना पड़ेगा। बुराई इतनी बढ़ गई है कि सड़कों पर दिखाई दे रही है। लोगों को समाजवादी सरकार के काम अब याद आ रहे हैं। ये मनरेगा, हलवाई, बाटी-चोखा बनाने वालों को रोजगार देना बता रहे हैं।