सनातन धर्म के शास्त्रों में नृसिंह जयंती से संबंधित हर तरह की जानकारी दी गई है। तो वहीं ज्योतिष शास्त्र में इस दिन क्या करना चाहिए, क्या नहीं, नृसिंह भगवान की पूजा कैसे करनी चाहिए आदि सब के बारे में बताया है। मगर क्या आप जानते हैं कि वास्तु शास्त्र में भी इससे जुड़ी कुछ खास बातें बताई हैं। जी हां, आइए जानते हैं वास्तु शास्त्र तथा ज्योतिष शास्त्र बताए कुछ उपाय जिन्हें नृसिंह जयंती के दिन करना लाभकारी मानी जाता है। बता दें धार्मिक शास्त्रों आदि के अनुसार भगवान नृसिंह जयंती का दिन इनके जन्मोत्सव पर्व के तौर पर मनाया जाता है। ग्रंथों में बताया गया है कि ये भगवान विष्णु का क्रोधावतार हैं। जो उन्होंने हिरण्यकश्यप का वध करने के लिए लिया था। कहा जाता है क्रोध से भगवान नृसिंह का तन जलता है, इसलिए इन्हें शीत यानि ठंडी चीज़ें अर्पित की जाती हैं। ज्योतिषी आदि बताता हैं कि इस इन्हें चढ़ाई जाने वाली विभिन्न चीज़ों का फल भी अलग-अलग ही प्राप्त होता है। तो वहीं इनसे जुड़े तमाम उपाय करने से विभिन्न प्रकार की मुसीबतों से छुटकारा मिलता है।

यहां जानें इनसे जुड़े खास उपाय-
जयंती के दिन सुबह स्नान के बाद भगवान नृसिंह के मंदिर में जाकर उनकी पूजा करें।

इन्हें फूल और चंदन अर्पित करते हुए इनकी पूजा-अर्चना करें, इसके अलावा अपनी मनोकामना के अनुसार भगवान को वैसी वस्तु अर्पित करें।

धन आदि से जुड़ी परेशानियों से मुक्ति के लिए भगवान नृसिंह को नागकेसर चढ़ाएं। उपाय के अनुसार थोड़ा सा नागकेसर अपने साथ घर लेकर आएं और उसे घर की तिजोरी या जहां आप पैसे और गहने आदि रखते उस अलमारी में रख दें।

कुंडली में कालसर्प दोष हो तो नृसिंह जयंती को किसी नृसिंह जयंती के दिन नृसिंग भगवान पर मोरपंख चढ़ाएं।

कानूनी उलझन से निकलने के लिए नृसिंह चतुर्दशी पर भगवान को दही का प्रसाद अर्पित करें।

दुश्मनों का भय सता रहा हो तो नृसिंह भगवान को बर्फ मिला पानी चढ़ाएं।

परिवार के रिश्तों में दूरी आ रही हो तो मक्की का आटा दान करें।

कर्ज दिया पैसा कही फंस जाए तो नृसिंह भगवान को चांदी या मोती भेंट करें।

बहुत लंबे समय से कोई बीमारी आपको परेशान कर रही हो, नृसिंह भगवान को चंदन का लेप चढ़ाएं। इससे रोग से छुटकारा मिलेगा।