भोपाल।राज्य सरकार ने आने वाले नगरीय निकाय चुनावों के लिये एक और नया बदलाव कर दिया है। अब पार्षद पद के लिये चुनाव व्यय की सीमा निर्धारित कर दी गई है। इससे पहले यह सीमा निर्धारित नहीं थी।


यह रहेगी व्यय सीमा :
जनगणना 2011 के अनुसार, यदि नगर निगम की जनसंख्या 10 लाख से अधिक है तो पार्षद पद का प्रत्याशी 8 लाख 75 हजार रुपये अधिकतम चुनाव प्रचार आदि में व्यय कर सकेगा। यदि नगर निगम की जनसंख्या 10 लाख से कम है तो यह व्यय सीमा 3 लाख 75 हजार रुपये होगी।इसी प्रकार, यदि किसी नगर पालिका की जनसंख्या 1 लाख से अधिक है तो चुनाव व्यय की सीमा 2 लाख 50 हजार रुपये होगी। यदि जनसंख्या 50 हजार से 1 लाख तक है तो 1 लाख 50 हजार रुपये चुनाव व्यय की सीमा होगी। यदि किसी नगर पालिका की जनसंख्या 50 हजार से कम है तो यह व्यय सीमा 1 लाख रुपये होगी। नगर परिषद में पार्षद पद का प्रत्याशी अधिकतम 75 हजार रुपये चुनाव प्रचार आदि में कर सकेगा।


वर्ष 2014 में कोई सीमा नहीं थी :
इससे पहले जब वर्ष 2014 में नगरीय निकाय चुनाव कराये गये थे तब मेयर एवं अध्यक्ष पद के चुनाव हेतु व्यय सीमा निर्धारित थी। परन्तु पार्षद पद हेतु चुनाव प्रचार व्यय की कोई सीमा तय नहीं थी। अब राज्य सरकार ने मेयर एवं अध्यक्ष पद के चुनाव प्रत्यक्ष पध्दति के स्थान पर अप्रत्यक्ष पध्दति से कर दिये हैं, इसलिये अब सिर्फ पार्षद पद हेतु ही चुनाव व्यय की सीमा रहेगी। 


निर्वाचन नियमों में भी हुआ संशोधन :
राज्य सरकार ने नगर पालिका निर्वाचन नियम 1994 में भी अनेक संशोधन कर दिये हैं। इसमें मेयर एवं अध्यक्ष के सीधे चुनाव संबंधी प्रावधान खत्म कर दिये हैं। 
विभागीय अधिकारी ने बताया कि नगरीय निकाय के चुनावों में पहले पार्षद पद के अभ्यर्थियों के लिये चुनाव व्यय की कोई सीमा नहीं थी। लेकिन अब यह तय कर दी गई है। अब तय सीमा से अधिक चुनाव व्यय नहीं किया जा सकेगा
डॉ. नवीन जोशी