जयपुर. पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव (Assembly elections) में पश्चिम बंगाल को छोड़कर सभी में मतदान की प्रक्रिया सम्पन्न हो चुकी है. अब नतीजों का इंतजार किया जा रहा है. इन राज्यों में अगर कांग्रेस और बीजेपी (BJP-Congress) को अच्छे वोट हासिल होते हैं तो इसमें राजस्थान के नेताओं (Leaders of rajasthan) की भी बड़ी भूमिका होगी. दरअसल इन राज्यों के चुनाव में प्रदेश के नेता भी बड़ी भूमिका निभा रहे हैं.

प्रदेश के कई नेताओं ने इन चुनावों में अपनी-अपनी पार्टी की कमान संभाली है और इन राज्यों में बड़ी तादाद में बसने वाले प्रवासी राजस्थानियों को अपने पक्ष में करने का प्रयास किया है. खास तौर से पश्चिम बंगाल, केरल और असम के चुनाव में प्रदेश के नेताओं के पास बड़ी जिम्मेदारियां रही हैं.

कांग्रेस में इनके पास रही हैं बड़ी जिम्मेदारियां

- मुख्यमंत्री अशोक गहलोत केरल में कांग्रेस के पर्यवेक्षक हैं.


- सीएम गहलोत का नाम तमिलनाडू, पश्चिम बंगाल, असम और केरल में स्टार प्रचारकों की सूची में भी शामिल है.

- पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट पश्चिम बंगाल, असम और केरल में स्टार प्रचारक की भूमिका में हैं.

- पूर्व केन्द्रीय मंत्री भंवर जितेन्द्र सिंह असम में कांग्रेस प्रभारी और स्टार प्रचारक हैं.

- भंवर जितेन्द्र सिंह असम में कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी के पदेन सदस्य भी रहे हैं.

- कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता मोहन प्रकाश असम में स्टार प्रचारक और एआईसीसी के ऑब्जर्वर हैं.

- मुख्य सचेतक डॉ. महेश जोशी पश्चिम बंगाल कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी में शामिल रहे हैं.

- पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के कई विधायक और नेताओं के पास अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी है.

- रफीक खान मालदा, अमीन कागजी उत्तर 24 परगना, मुकेश भाकर बड़ा बाजार के प्रभारी हैं.

- मनीष यादव पूर्वी मेदिनीपुर, इन्द्राज गुर्जर पश्चिमी मेदिनीपुर और जगदीशराज श्रीमाली हुगली के प्रभारी हैं.

सभाओं के जरिए साधे समीकरण

कांग्रेस के इन नेताओं ने लगातार क्षेत्र में दौरे और सभाएं कर माहौल अपनी पार्टी के पक्ष में करने का प्रयास किया है. पश्चिम बंगाल में कवायद अब भी जारी है. दरअसल पश्चिम बंगाल और असम में प्रवासी राजस्थानी बड़ी तादाद में हैं तो केरल में भी इनकी संख्या अच्छी खासी है. हाल ही में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने असम का दौरा कर प्रवासी राजस्थानियों का साधने का प्रयास किया. पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा, मंत्री डॉ. बीडी कल्ला और कांग्रेस नेता सीताराम अग्रवाल भी इस दौरे में उनके साथ रहे. वहीं पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने असम और केरल में जनसभाएं कर माहौल कांग्रेस के पक्ष में करने का प्रयास किया.

बीजेपी भी दिखा रही है दम

पश्चिम बंगाल समेत दूसरे राज्यों में प्रदेश के बीजेपी नेताओं ने भी मेहनत में कोई कोर-कसर नहीं रखी है. खास तौर से केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, कैलाश चौधरी और उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ पश्चिम बंगाल के रण में लगातार सक्रिय हैं. पुड्डुचेरी को छोड़ शेष चार राज्यों के चुनाव में प्रदेश के नेताओं की किसी ना किसी रूप में महत्वपूर्ण भागीदारी रही है. असम और केरल में तो प्रदेश के नेता मुख्य भूमिकाओं में हैं. नतीजे जब आएंगे और वोटों का श्रेय लेने की होड़ रहेगी तो प्रदेश के नेताओं की भागीदारी का भी उसमें जिक्र जरुर होगा.