न्यूजीलैंड क्रिकेट के प्रमुख ग्रेग बारक्ले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के नये नया स्वतंत्र चेयरमैन बने हैं। बारक्ले ने सिंगापुर के इमरान ख्वाजा को पीछे छोड़कर यह पद हासिल किया है। अब वह  भारत के शशांक मनोहर की जगह नये आईसीसी चेयरमैन होंगे। मंगलवार को आईसीसी की तिमाही बैठक के दौरान चेयरमैन पद के लिए मतदान हुआ। इलेक्ट्रॉनिक मतदान प्रक्रिया में 16 बोर्ड ऑफ डायरेक्टरों ने भाग लिया, जिसमें टेस्ट खेलने वाले देशों के 12 पूर्ण सदस्य, तीन एसोसिएट देश और एक स्वतंत्र महिला निदेशक (पेप्सीको की इंदिरा नूई) भी शामिल थीं।
इस कीवी अधिकारी ने मतदान में 11-5 से जीत दर्ज की। दूसरे दौर के मतदान में उन्हें क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका का महत्वपूर्ण वोट मिला, जिससे वह जीत दर्ज करने में सफल रहे। वहीं पहले दौर के मतदान के दौरान उन्हें 10 और ख्वाजा को छह वोट मिले थे, लेकिन मौजूदा नियमों के अनुसार विजेता के लिए 16 सदस्यों के आईसीसी बोर्ड में दो-तिहाई बहुमत तकरीबन 11 वोट हासिल करना जरूरी है। आईसीसी के सीईओ मनु साहनी बोर्ड के 17वें सदस्य हैं, लेकिन उन्हें मतदान का अधिकार हासिल नहीं है। वहीं माना जा रहा है कि न्यूजीलैंड के अलाव भारत, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया ने बारक्ले के पक्ष में वोट किया, जिन्होंने टीमों के अधिक द्विपक्षीय सीरीज खेलने का समर्थन किया, जो इस कठिन आर्थिक हालात में सभी बोर्डों के लिए तंगी से उबरने का एकमात्र उपाय है। 
बारक्ले ने विश्व क्रिकेट की कमान मिलने पर कहा, ‘आईसीसी का चेयरमैन बनना बड़े सम्मान की बात है और इसके लिए मिले समर्थन के लिए मैं अपने साथी आईसीसी निदेशकों का धन्यवाद  देता हूं। साथ ही उम्मीद करता हूं कि हम एकजुट होकर खेल को आगे ले जाएंगे और कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से उबरकर बेहतर वापसी के साथ ही प्रगति करने में सफल रहेंगे।’
उन्होंने कहा, ‘मैं अपने सदस्यों के साथ मिलकर काम करते हुए हमारे अहम बाजारों के अलावा इसके बाहर भी खेल को ले जाने का पूरा प्रयास करुंगा जिससे कि दुनिया भर के अधिक से अधिक लोग क्रिकेट का आनंद ले सकें।’
बिग थ्री की अवधारणा को गलत बताया और कहा कि सभी सदस्य देश समाना हैं और किसी को भी विशेष लाभ देने की बातें गलत हैं।