सफ़ल जीवन के रोडमैप...

दोस्तों परिस्थिति कैसी हैं इस पर ज्यादा कुछ निर्भर नहीं करता, बल्कि हम परिस्थिति को कैंसे लेते हैं,  सब कुछ इस पर निर्भर करता। अगर आप परिस्थितियों को सकारात्मक भाव से लेते हैं,  तो राह पर पडे हुए पत्थर भी सीढिया बन जाते है। और जब आप परिस्थतियों को नकारात्मक भाव गलत ढंग से लेने के आदि हो जाते हैं ,तो मंदिर की सीढ़िया भी पत्थर मालूम पडने लगती है। जिनसे रास्ता रूकता हैं पत्थर सीढी बन सकते है। और सीढियां पत्थर मालूम हो सकती है । अवसर हमें दूर्भाग्य मालूम हो सकते है। तो अपनी विषम माहौल से एक खिलता हुया व्यक्त्वि बनाना आपकी जिम्मेदारी है।

एक छोटी कहानी से समझते:-

एक राजा का दरबार लगा हुआ था, क्योंकि सर्दी का दिन था इसलिये राजा का दरबार खुले मे लगा हुआ था ।पूरी आम सभा सुबह की धूप में बैठी थी, महाराज के सिंहासन के सामने एक शाही मेज थी और उस पर कुछ कीमती चीजें रखी थी ।पंडित लोग, मंत्री और दीवान आदि सभी दरबार मे बैठे थे 
और राजा के परिवार के सदस्य भी बैठे थे ।उसी समय एक व्यक्ति आया और प्रवेश माँगा । प्रवेश मिल गया तो उसने कहा “मेरे पास पाँच वस्तुएं हैं, मै हर राज्य के राजा के पास जाता हूँ और अपनी वस्तुओं को रखता हूँ पर कोई परख नहीं पाता सब हार जाते हैं और मैं विजेता बनकर घूम रहा हूँ, अब आपके नगर मे आया हूँ ।"राजा ने बुलाया और कहा “क्या वस्तुएं है?" 
तो उसने पांचों वस्तुएं उस कीमती मेज पर रख दी ।वे पांचों वस्तुएं बिल्कुल समान आकार, समान रुप रंग, समान प्रकाश सब कुछ नख-शिख समान था ।राजा ने कहा ये पांचों वस्तुएं तो एक हैं ।तो उस व्यक्ति ने कहा हाँ दिखाई तो एक सी ही देती है लेकिन हैं भिन्न । इनमें से एक है बहुत कीमती हीरा और बाकी महज काँच का टुकडा।लेकिन रूप रंग सब एक है, कोई आज तक परख नही पाया क़ि कौन सा हीरा है और कौन सा काँच का टुकड़ा..।
कोई परख कर बताये कि....ये हीरा है और बाकी काँच.. अगर परख खरी निकली...तो मैं हार जाऊंगा और.. यह कीमती हीरा मैं आपके राज्य की तिजोरी में जमा करवा दूंगा. पर शर्त यह है कि यदि कोई नहीं पहचान पाया तो इस हीरे की जो कीमत है उतनी धनराशि आपको मुझे देनी होगी ।
इसी प्रकार से मैं कई राज्यों से जीतता आया हूँ ।राजा ने कहा मैं तो नहीं परख सकूंगा ।दीवान बोले हम भी हिम्मत नहीं कर सकते क्योंकि सारी की सारी वस्तुएं  बिल्कुल समान है ।हारने के डर से कोई हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था ।क्योंकि हारने पर पैसे देने पड़ेंगे...पर इसका कोई सवाल नहीं था, क्योंकि राजा के पास बहुत धन था, पर राजा की प्रतिष्ठा गिर जायेगी, इसका सबको भय था ।कोई व्यक्ति पहचान नहीं पाया ।
आखिरकार पीछे थोड़ी हलचल हुई ।एक अंधा आदमी हाथ मे लाठी लेकर उठा.. उसने कहा मुझे महाराज के पास ले चलो...मैंने सब बाते सुनी है...और यह भी सुना है कि....कोई परख नहीं पा रहा है...एक अवसर मुझे भी दो ।
एक आदमी के सहारे वह राजा के पास पहुंचा ।उसने राजा से प्रार्थना की मैं तो जनम से अंधा हूँ फिर भी मुझे एक अवसर दिया जाये, जिससे मैं भी एक बार अपनी बुद्धि को परखूँ ।और हो सकता है कि सफल भी हो जाऊं..
और यदि सफल न भी हुआ तो वैसे भी आप तो हारे ही है ।राजा को लगा कि इसे अवसर देने में क्या हर्ज है ।राजा ने कहा क़ि ठीक है।तो तब उस अंधे आदमी को दोनों चीजें छुआ दी गयी ।और पूछा गया कि इसमें कौन सा हीरा है और कौन सा काँच….?? यही तुम्हें परखना है ।
उस आदमी ने एक क्षण में कह दिया कि यह हीरा है और बाकी काँच।जो आदमी इतने राज्यों को जीतकर आया था वह नतमस्तक हो गया और बोला “सही है आपने पहचान लिया.. धन्य हो आप… ।
अपने वचन के मुताबिक यह हीरा मैं आपके राज्य की तिजोरी में दे रहा हूँ ।
सब बहुत खुश हो गये और जो आदमी आया था वह भी 
बहुत प्रसन्न हुआ कि कम से कम कोई तो मिला परखने वाला
उस आदमी, राजा और अन्य सभी लोगों ने उस अंधे व्यक्ति से एक ही जिज्ञासा जताई कि तुमने यह कैसे पहचाना कि यह हीरा है और बाकी काँच ?उस अंधे ने कहा की सीधी सी बात है मालिक धूप में हम सब बैठे है.. मैंने सब को छुआ .. जो ठंडा रहा वह हीरा.....
जो गरम हो गया वह काँच.....

मित्रों जीवन में भी गौर करने वाली बात है जो बात-बात में गरम हो जाये, उलझ जाये...वह व्यक्ति "काँच" है और जो विपरीत परिस्थिति में भी ठंडा रहे..वह व्यक्ति "हीरा" है..!!... अब यह पूरी तरह हम पर है कि किस तरह हम एक बेहतरीन हीरे जैसा व्यक्तिव्व कठिन हालातों में भी बना पाते हैं।

आज चैलेंज लें
1.   मुश्किल परिस्थितियों से लड़ लेने की क्षमता रखने वाले लोगों पर किये गए अध्यन से स्पष्ट हुआ है कि धैर्यवान और जुझारू लोग हर परिस्थिति में सकारात्मक बने रहते हैं। हर स्थिति में उन बातों पर ध्यान देते हैं, जिन्हें वो नियंत्रित कर सकते हैं। चाहे उनकी परेशानी किसी और की दी हुई क्यों ना हो, वो उस परेशानी से बाहर आने को अपनी जिम्मेदारी समझते हैं। याद रखिये जिस प्रकार हीरा विषम परिस्थितियों में भी अनमोल ही रहता है, उसी तरह जो विपरीत समय मे भी कूल रहे समझे वही असली हीरा है।

रंजना अवस्थी
(लाइफ कोच)