बरेली । लॉकडाउन के दौरान जहां खेल प्रशिक्षकों की नौकरियों पर संकट आया है। वहीं टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी की धोनी कोचिंग अकादमी आजकल एक ऑनलाइन कोचिंग एजुकेशन प्रोग्राम चला रही है। इस ऑनलाइन कोचिंग कोर्स पास करने वालों को धोनी अकादमी में ही नौकरी का अवसर भी मिलेगा। लॉक डाउन ने खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों दोनों को ही प्रभावित किया है। इससे स्कूलों और अन्य कोचिंग सेंटरों में सेवाएं दे रहे रहे प्रशिक्षकों की नौकरी को भी संकट में डाल दिया है। ऐसे में वहीं खिलाड़ी या कोच आगे बढ़ पाएंगे जिनके पास ज्ञान का भंडार होगा। ऐसे में धोनी अकादमी छोटे-छोटे शहरों के युवाओं के लिए घर बैठे कोचिंग का अवसर दे रही है। अकादमी इसके लिए 15-15 दिनों का ऑनलाइन कोर्स करवा रही है। इसमें रोज दो घंटे का सेशन होता है। इसमें बैटिंग, बालिंग, फील्डिंग को विशेष रूप से सिखाया जा रहा है। इसके अलावा चोट से बचाव और सही आहार की भी जानकारी दी जा रही है। 
15 दिनों के कोर्स के बाद जब लॉकडाउन खुल जाएगा, तब खिलाड़ियों को ऑन ग्राउंड असेसमेंट और ट्रेनिंग के लिए बुलाया जाएगा। यह तीन दिन का विशेष सत्र होगा। इसके आधार पर खिलाड़ियों को नौकरी भी मिल सकती है। इस कोर्स को पास करने वाले खिलाड़ियों को एक प्रमाण पत्र भी मिलेगा। इसे पास करने के बाद बीसीसीआई के लेवल वन कोर्स को पास करना भी आसान रहेगा। कोर्स की फीस पांच हजार रुपये है। धोनी अकादमी आधुनिक तकनीक की मदद से श्रेष्ठ प्रशिक्षकों को तैयार कर रही है। कोच एजुकेशन प्रोग्राम में बीसीसीआई से मान्यता प्राप्त कोच सत्रजीत लहिरी और मंदार दल्वी कोचिंग दे रहे हैं। कोचिंग के दौरान चाइल्ड प्रोटेक्शन, चाइल्ड साइकोलाजी, कम्युनिकेशन स्किल, अकादमिक मैनेजमेंट की जानकारी भी दी जा रही है। पूरे देश में अकादमी की 15 शाखाएं है। लॉकडाउन के बाद यह संख्या 40 होने वाली है।