नई दिल्ली । रियल्टी क्षेत्र की कंपनी डीएलएफ लिमिटेड की डीएलएफ साइबर सिटी डेवलपर्स लिमिटेड ने सरकारी बैंक एसबीआई से 2400 करोड़ रुपए का कर्ज लिया है। कंपनी इस कर्ज से अपने मौजूदा कर्ज और फंड फ्यूचर के विस्तार की योजना को रिफाइनेंस करेगी। डीएलएफ ग्रुप के सीएफओ विवेक आनंद ने बताया कि कंपनी ने यह कर्ज 7.35 प्रतिशत की दर पर लिया गया है। इससे कंपनी को इंट्रेस्ट कॉस्ट कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि 1.95 हजार करोड़ रुपए का कर्ज रिफाइनेंस के लिए और 450 करोड़ को भविष्य में अन्य कार्यों के लिए उपयोग किया जाएगा। डीसीसीडीएल, डीएलएफ और सिंगापुर की सॉवरन फंड जीआईसी का जॉइंट वेंचर है। इसका ऑफिस 33 मिलियन वर्ग फीट में है। कंपनी की सालाना रेंटल इनकम 3.5 हजार करोड़ रुपए है। डीसीसीडीएल में डीएलएफ की हिस्सेदारी 66.66 प्रतिशत है। जबकि 33.34 की हिस्सेदारी जीआईसी का है। जानकारी के मुताबिक, यह कर्ज एलआरडी रूट के जरिए लिया गया है। कंपनी ने यह कर्ज साइबर सिटी, गुरुग्राम स्थित 2.4 मिलियन वर्ग फीट एरिया को दिखा कर लिया है। डीसीसीडीएल पर वर्तमान में कुल करीब 19.5 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है। 
विवेक आनंद के मुताबिक, यह कोविड-19 के दौरान किसी भी सरकारी बैंक द्वारा किए गए सबसे बड़े कर्ज में से एक है। यह हमारी मजबूत रेंटल प्रोफाइल और लॉन्ग टर्म के लिए कैश जनरेट करने की क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने 18 मिलियन वर्ग फीट की कमर्शियल असेट्स को डेवलप करने की योजना बनाई है। इसमें से 4 मिलियन वर्ग फीट का कंस्ट्रक्शन चेन्नई और गुरुग्राम में पहले से ही चल रहा है। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही के दौरान डीसीसीडीएल के रेंटल कलेक्शन और ऑक्युपेंसी लेवल 95 प्रतिशत से अधिक मजबूत रहा है और आगे का आउटलुक भी पॉजिटिव बना हुआ है।
रिटेल रियल एस्टेट सेगमेंट पर विवेक आंनद ने कहा कि कोरोना और लॉकडाउन के दौरान शॉपिंग मॉल बिजनेस भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हालांकि, जून महीने से मॉल खुलने की अनुमति के बाद ग्राहकों के आने का स्तर प्री-कोविड लेवल के 50-60 प्रतिशत तक पहुंच गया है। आने वाले दिनों में और भी बढ़त दिख सकती है। क्योंकि अब मल्टीप्लैक्स को भी खोलने की अनुमति मिल गई है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में कंपनी की रेंटल इनकम बढ़ेगी। क्योंकि इस महीने से साइबर पार्क प्रोजेक्ट शुरु हो गया है। दरअसल कंपनी को इस 2.5 मिलियन वर्ग फुट के प्रोजेक्ट से सालाना 350 करोड़ रुपए कमाई की उम्मीद है। डीएलएफ के प्रमोटर्स ने दिसंबर 2017 में डीसीसीडीएल में लगभग 40 प्रतिशत हिस्सेदारी सिंगापुर की कंपनी सॉवरन फंड जीआईसी को बेच दी गई थी। जीआईसी ने इसके लिए 12 हजार करोड़ रुपए का भुगतान किया था।