नई दिल्ली । भारतीय महिला टीम की शीर्ष निशानेबाजों में शामिल राही सरनोबत को दबाव का सामना करना अच्छा लगता है क्योंकि इससे उन्हें बेहतर प्रदर्शन की प्रेरणा मिलती है। सरनोबत जगरेब और टोक्यो ओलंपिक खेलों के लिए रवाना होने वाले दल में शामिल है। सरनोबत ने कहा है कि मैं दबाव में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करती हूं। मुझे इससे जिम्मेदारी का अहसास होता है और अपने से और अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होती है।
इस निशानेबाज ने कहा कि 25 मीटर पिस्टल निशानेबाजी में पहले के प्रदर्शन ज्यादा मायने नहीं रखते है। जर्मनी के कोच मुंखबायर दोरज्सुरेन के जाने के बाद सरनोबत हाई परफोर्मेंस कोच समरेश जंग की देख रेख में अभ्यास कर रही है। समरेश हालांकि भारतीय टीम के साथ क्रोएशिया दौरे पर नहीं जाएंगे जहां टीम को यूरोपीय चैम्पियनशिप (20 मई से छह जून) और आईएसएसएफ विश्व कप (22 जून से तीन जुलाई) में भाग लेना है।
सरनोबत ने कहा कि यह उनके लिए हालांकि चिंता की बात नहीं है। मैं अपने जर्मन कोच के साथ अभ्यास कर रही थी लेकिन पिछले साल ओलंपिक के स्थगित होने से उनका अनुबंध समाप्त हो गया। उसके बाद से ही समरेश से अन्हें प्रशिक्षण मिल रहा है। कोच ने कहा है कि अगर वह वहां नहीं रहेंगे तो भी ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। यह वास्तव में अलग तरह की स्थिति है। कोरोना महामारी के इस दौर में हमें सभी हालातों के लिए तैयार रहना होगा, हमें अपने बल पर अच्छा प्रदर्शन करना होगा।