लखनऊ । यूपी के टॉप 33 माफियाओं की सूची में शामिल पूर्व एमएलसी संजीव उर्फ रामू द्विवेदी को पुलिस ने राजधानी लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया है। रामू द्विवेदी गोरखपुर के चैरीचैरा थाने का हिस्ट्रीशीटर है। अब पुलिस ने उसकी 1.85 करोड़ की सम्पत्तियों पर बुलडोजर चलाने के लिए विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
पूर्व एमएलसी रामू द्विवेदी के साथ उनके तीन साथियों को उत्तर प्रदेश की देवरिया पुलिस ने लखनऊ से गिरफ्तार कर यहां रिमांड मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। देवरिया के पुलिस अधीक्षक श्रीपति मिश्र ने बताया कि रामू द्विवेदी तथा उनके तीन साथी यहां विभिन्न मुकदमों में वांछित चल रहे थे और उनकी गिरफ्तारी के लिये देवरिया पुलिस लगी हुई थी। शुक्रवार की रात देवरिया पुलिस ने पूर्व एमएलसी रामू को लखनऊ के बहुखंडी आवास के पास से गिरफ्तार किया। उनके तीन साथियों कुणाल मल्ल, बजरंगी तिवारी और मनीष मिश्र को भी देवरिया पुलिस ने विभिन्न स्थानों से गिरफ्तार किया है। ये लोग विभिन्न मुकदमों में वांछित थे तथा पुलिस उनकी तलाश कर रही थी। चारों आरोपियों को रिमांड मजिस्ट्रेट के यहां पेश किया गया। रामू द्विवेदी तथा उनके साथियों पर आरोप है कि इन लोगों ने देवरिया निवासी तथा शराब कोरोबारी संजय केडिया पर जानलेवा हमला किया था तथा समाजसेवी निकुंज अग्रवाल के साथ मारपीट की थी। उत्तर प्रदेश के टॉप 33 माफियाओं की सूची में रामू द्विवेदी का नाम भी है। माफिया रामू द्विवेदी गोरखपुर जिले के चैरीचैरा क्षेत्र स्थित वंसहिया में भी रह चुका है। रामू की आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए चैरीचैरा थाने की पुलिस ने उसकी हिस्ट्रीशीट खोली है। रामू द्विवेदी पर हालांकि गोरखपुर जिले में कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। रामू ने देवरिया और लखनऊ में आपराधिक घटनाएं की हैं। पुलिस रिकार्ड के अनुसार रामू ने बाकायदा गैँग तैयार कर रखा है। उसके गिरोह में 12 सदस्य हैं।