नई दिल्ली । वैश्विक महामारी के दौरान कारोबारियों को सरकार ने वित्त वर्ष 2019-20 के इनकम टैक्स रिटर्न भरने की तारीख 3 बार आगे बढ़ाई है। अब टैक्स रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2020 है, जो काफी नजदीक है। टैक्‍सपेयर्स अलर्ट रहें और समय रहते आईटीआर फाइल कर दें। टैक्स रिटर्न में देरी से जुर्माना लगाया जाता है। केंद्र सरकार ने देरी से आईटीआर फाइल करने पर लेट फीस वसूलने की व्‍यवस्‍था भी कर दी है। वित्त वर्ष 2018-19 से ये व्‍यवस्‍था लागू कर दी गई है। इसके तहत अगर कोई टैक्‍सपेयर तय तारीख के बाद, लेकिन 31 दिसंबर से पहले आईटीआर फाइल करता है तो उससे 5,000 रुपए लेट फाइलिंग फी वसूली जाएगी। वहीं, अगर रिटर्न 31 दिसंबर के बाद फाइल किया जाता है तो करदाता को 10,000 रुपए लेट फीस का भुगतान करना होगा। हालांकि, अगर करदाता की सालाना इनकम 5 लाख रुपए से ज्‍यादा नहीं है तो लेट फीस के तौर पर 1,000 रुपए से ज्‍यादा नहीं वसूला जा सकता है। आईटीआर फाइल करने देरी के कारण टैक्सपेयर्स को जुर्माना तो भरना ही पड़ता है। साथ ही कई तरह की इनकम टैक्‍स छूट भी नहीं मिलती। आयकर कानून की धारा-10ए और धारा-10बी के तहत मिलने वाली छूट नहीं मिलती हैं। धारा-80आईए, 80आईएबी, 80आईसी, 80आईडी और 80आईई के तहत मिलने वाली छूट भी आपको नहीं मिलेगी। आयकर कानून की धारा- 80आईएसी, 80आईबीए, 80जेजेए, 80जेजेएए, 80एलए, 80P, 80पीए, 80क्यूक्यूबी और 80आरआरबी के तहत मिलने वाले डिडक्शन का लाभ भी नहीं मिलेगा।