जालोर । जिला कलेक्टर महेन्द्र सोनी ने कहा कि अधिकारी आपदा प्रबंधन के तहत उपलब्ध कराए गए  संसाधनो की जांच कर उनकी उपयोगिता की सुनिश्चितता कर लें तथा जिले में वर्षा काल के दौरान संभावित आने वाले बाढ बचाव के तहत किये जाने वाले कार्यो को टीम भावना एवं आपसी समन्वय रखते हुए पूर्ण करें। 
जिला कलक्टर महेन्द्र सोनी कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में बाढ़ कन्टीजेन्सी प्लान को तैयार करने के लिए जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण की आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने निर्देशित किया कि जिन विभागों ने आपदा प्रबंधन के प्लान को अपडेट कर नहीं भिजवाया है वे मंगलवार को प्रात: 12 बजे तक अनिवार्य रूप से कलेक्ट्रेट कार्यालय को भिजवाना सुनिश्चित करें। उन्होनें समीक्षा के दौरान अधिकारियों को कहा कि वे अपने विभाग से सम्बन्धित आवश्यक कार्यो की पूर्व में ही सुनिश्चितता कर लेवे तथा आपातकालीन व्यवस्थाओं में यथा बाढ़ बचाव से सम्बन्धित सामग्री की उपलब्धता रखें। उन्होंने उपखण्ड व तहसील मुख्यालयों पर भी आपातकालीन व्यवस्थाएँं तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होनें कहा कि अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में कोई विशेष घटना होने पर तत्काल उसकी सूचना दें तथा जब कि एमएमएस प्राप्त हो तो उसका जबाव भी दें वही मोबाईल नम्बरों को अपडेट करने के साथ ही क्षेत्र के भामाशाहों व दानदाताओं तथा स्वयंसेवी संस्थाओं की सूची तैयार रखें।  
उन्होंने जल संसाधन विभाग को बांधों की आवश्यक मरम्मत, खाली रेत के कट्टे तैयार रखने एवं नाव आदि की व्यवस्था करने के साथ ही प्रमुख पुलों पर बहते पानी में वाहन नहीं चलाने के लिए सूचना बोर्ड लगाने तथा पानी की आवक पर पूर्ण ध्यान देने के निर्देश दिये वही सार्वजनिक जलदाय विभाग को प्रमुख पुलों व रपटों पर संकेतक बोर्ड लगाने तथा जहॉ पर भी पुलों व सडकों का कार्य हुआ है वहॉ से मलबा हटाने तथा खड्डों को भरने के निर्देश दिए। उन्होनें बैठक में डिस्कांम एवं जलदाय विभाग के अधिकारियों को कहा कि आपदा के दौरान विभ्भिन्न खण्ड कार्यालयों पर आवश्यक सामग्री की पहुॅचा देवें ताकि समय रहते उसका उपयोग हो सकें।  उन्हांने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से दवाईयों की आपूर्ति एवं स्टांक रखने, स्कूल भवनों को अधिक वर्षा के दौरान बंद रखने एवं जीर्ण-शीर्ण भवनों का चिन्हीकरण कर उनका उपयोग नहीं करने, के ढ़ीले तारो को कसने, होमगार्ड को तैराकों की उपलब्धता एवं रसद विभाग को केरोसीन, डीजल, पेट्रोल तथा गैस एवं रसद सामग्री की आपूर्ति, परिवहन विभाग को वाहनों की आवश्यक उपलब्धता के  सम्बन्ध में आवश्यक निर्देश दिए। 
 बैठक में जिला कलक्टर ने निर्देशित किया कि सिंचाई विभाग जिला मुख्यालय पर तथा सभी उपखण्ड अधिकारी उपखण्ड मुख्यालय पर बाढ नियन्त्रण कक्ष 15 जून से स्थापित करेंगे एवं उसके प्रभारी अधिकारी मय मोबाईल की सूचना जिला बाढ नियन्त्रण कक्ष को देंगे। उन्होंने वर्ष 2017 में आई आपदा से सबक लेते हुए जल संसाधन विभाग को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए । 
अतिरिक्त जिला कलक्टर छगनलाल गोयल ने कहा कि अधिकारी अपने अधीनस्थ अधिकारियों व कार्मिकों को मुख्यालय नहीं छोडऩे के लिए पाबन्द करें तथा बाढ़ एवं अतिवृष्टि से उत्पन्न सभी स्थितियों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के सभी उपाय समय रहते सुनिश्चित करें। 
बैठक मेंं अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामचन्द्र गरवा, जालोर उपखण्ड अधिकारी चम्पालाल, भीनमाल उपखण्ड अधिकारी दौलतराम चौधरी, सायला उपखण्ड अधिकारी श्रीमती गोमती शर्मा, सांचौर उपखण्ड अधिकारी जबरसिंह,  आहोर उपखण्ड अधिकारी प्रशान्त शर्मा, डिस्कांम के अधीक्षण अभियन्ता पी.सी. टांक, जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियन्ता तारचन्द कुलदीप, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. बी.एल. विश्नोई एवं जालोर नगर परिषद के आयुक्त शिकेश कांकरिया सहित समस्त तहसीलदार, विकास अधिकारी एवं विभिन्न जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे ।