मऊ । यूपी के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की पहुंच राजनीतिक और आपराधिक दोनों क्षेत्रों में है। मुख्तार के परिवार की दो पीढ़ियां राजनीति में सक्रिय रहीं। इसके अलावा देश की आजादी में भी उनके परिवार का योगदान रहा है। अंसारी के परिवार का मऊ में एक अलग तरह का दबदबा है। शायद यही कारण है कि जेल में रहने के बावजूद मुख्तार बीते 15 सालों से मऊ के विधायक बने हुए हैं। जेल में रहने के बावजूद वो हर चुनाव जीत जाते हैं, उनके भाई अफजल अंसारी भी मौजूदा समय में गाजीपुर विधानसभा से सांसद हैं। मुख्तार के नाना का भी नामचीन हस्तियों में नाम शुमार था। यूपी में बाहुबली मुख्तार अंसारी क्राइम की दुनिया का ऐसा पर्याय बन चुका है, जिसका नाम उनके आपराधिक इतिहास को बताने के लिए ही काफी है। मुख्तार के परिवार का इतिहास राजनीति के क्षेत्र में एक अलग पहचान वाला रहा है मगर मुख्तार ने अपनी छवि इससे एकदम उलट बनाई। पूर्वांचल के डॉन मुख्तार अंसारी पर 40 से अधिक मुकदमे दर्ज है। मुख्तार अंसारी के दादा इंडियन नेशनल कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं। उनका नाम भी मुख्तार ही था। उन्होंने देश की आजादी में अहम रोल अदा किया था। इसके लिए उन्हें महावीर चक्र से नवाजा गया था। दादा की तरह मुख्तार के चाचा हामिद अंसारी ने भी देश के लिए अपनी सेवाएं दी थीं। मुख्तार के चाचा हामिद अंसारी देश के उप राष्ट्रपति थे। उनके नाना का भी नामचीन हस्तियों में नाम शुमार था। मुख्तार अंसारी के दादा डॉ. मुख्तार अहमद अंसारी स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन के दौरान 1926-27 में इंडियन नेशनल कांग्रेस के अध्यक्ष रहे हैं। उनका नाम महात्मा गांधी के करीबियों में शुमार था। इसी वजह से मुख्तार अंसारी के परिवार की मऊ में काफी इज्जत है। ये इज्जत लंबे समय से राजनीति में सक्रिय रहने और लोगों की सेवा करने की वजह से बनी हुई है। पूर्वांचल में ऐसी छवि किसी राजनीतिक परिवार की फिलहाल नहीं है।