30 हजार में ‘नेशनल खिलाड़ी’ का तमगा: फर्जी सर्टिफिकेट रैकेट का भंडाफोड़
जयपुर। राजस्थान में शिक्षक भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े के विरुद्ध स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने अपना शिकंजा कसते हुए एक और बड़ी सफलता हासिल की है। तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती 2022 के खेल कोटे में फर्जी ताइक्वांडो प्रमाण पत्र मामले में शिक्षा विभाग के तत्कालीन यूडीसी जगदीश सारण को गिरफ्तार किया गया है।
38 अभ्यर्थियों ने लगाए थे फर्जी सर्टिफिकेट
जांच में खुलासा हुआ है कि कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित इस भर्ती में खेल कोटे का लाभ लेने के लिए 38 अभ्यर्थियों ने ताइक्वांडो के फर्जी नेशनल लेवल सर्टिफिकेट पेश किए थे। इन फर्जी दस्तावेजों को सही साबित करने के लिए एक फर्जी ईमेल आईडी के माध्यम से वेरिफिकेशन रिपोर्ट भी भेजी गई थी।
पैसे लेकर बांटे गए थे प्रमाण पत्र
गिरफ्तार अभ्यर्थी योगेन्द्र कुमार से हुई पूछताछ में यह चौंकाने वाली जानकारी सामने आई कि उसने जगदीश सारण को 30 हजार रुपये देकर 2017 की एक कथित नेशनल प्रतियोगिता का सर्टिफिकेट खरीदा था। जगदीश सारण पर पहले भी कई भर्ती परीक्षाओं में फर्जी डिग्री और खेल प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के आरोप लग चुके हैं।
नेटवर्क और पिछली गिरफ्तारियां
इस मामले में एसओजी की कार्रवाई लगातार जारी है:
- मई 2025: फर्जी ईमेल से वेरिफिकेशन भेजने वाले बिमलेन्दू कुमार झा और कमल सिंह की गिरफ्तारी हुई।
- मार्च 2026: 20 अभ्यर्थियों सहित कई दलालों और सहयोगियों को पकड़ा गया।
- वर्तमान स्थिति: जगदीश सारण को न्यायालय ने 25 अप्रैल 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
फरार आरोपियों की तलाश
पूछताछ में सामने आया है कि जगदीश सारण अपने रिश्तेदार रामचंद्र (जो कि एक पीटीआई है) के माध्यम से अभ्यर्थियों तक पहुँचता था। फिलहाल रामचंद्र फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। एसओजी का मानना है कि रिमांड के दौरान इस गिरोह से जुड़े अन्य बड़े नामों का भी खुलासा हो सकता है।

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