कोरबा| महिला एवं बाल विकास विभाग पाली के अधिकारी द्वारा सुप्रीम कोर्ट के निर्देश को नजरअंदाज कर अनुसूचित जाति के लिए पूर्व में उपयोग किए जाने वाले प्रतिबंधित शब्द का इस्तेमाल सामान्य सभा की बैठक में पेश शासकीय दस्तावेज में किया गया है। इस मामले की शिकायत जनपद सदस्य अनिल टंडन ने पाली थाने में की है। इसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
    पाली थाना प्रभारी लीलाधर राठौर ने बताया है कि जनपद सदस्य ने महिला बाल विकास अधिकारी के विरूद्ध शिकायत दर्ज कराई है कि अधिकारी ने जनपद पंचायत की सामान्य सभा की बैठक में सदस्यों को शासकीय दस्तावेज प्रेषित किया। दस्तावेज में प्रतिबंधित शब्द का प्रयोग किया गया है। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने शासकीय काम-काज में शब्द विशेष के उपयोग पर प्रतिबंध लगा रखा है। इस निर्देश का उल्लंघन किया गया है। थाना प्रभारी ने बताया है कि इस मामले में बयान लिया जा रहा है। उसके बाद समुचित कार्यवाही की जायेगी। फिलहाल एफआईआर नहीं दर्ज कराई गई है। पूर्व में सभी शासकीय विभागों को सुप्रीम कोर्ट से प्रतिबंधित शब्द की जानकारी शासन ने उपलब्ध कराया है। इसके बाद भी उस शब्द का उपयोग शासकीय विभाग के दस्तावेज में किया गया है, जो अपराध की श्रेणी में आता है।