आपदा को अवसर में बदलें

दोस्तों हमने आस पास बहुत लोगो को अक्सर कहते सुना होगा, "मेरा बेटा फलां काम नही करता।", "मेरे पति मेरी यह बात नही मानते।", " मेरे घर वाले इस काम मे मदद नही करते।" "मेरे कर्मचारी समय पर नही आते।"
इन सारी समस्याओं से हम सब रूबरू होते ही हैं। आज समय है यह अच्छी तरह समझने का कि यदि हम लोगो से कराए जाने वाले कामों को उनकी किसी तरह इच्छाओं से या फायदों से जोड़ दें तो बहुत हद तक चांस है कि हमारा काम हो जाये।

चैलेंज डे(15)- जब भी लोगों का व्यवहार या रवैये में बदलाव लाना चाहते हों तो खुद से पूछे कि सामने वाला दरअसल चाहता क्या है। 

bबेन को पेड़ से गिरी हुई नाशपतियाँ इक्कठा करने का काम उसके पिता ने सौंपा गया था ताकि उनके बाग तराशने वाले को रुककर गिरी नाशपतियाँ उठानी न पड़े। बेन को यह काम पसंद नही था और अक्सर या तो वह यह काम करता नही था या इतने खराब ढंग से से करता था कि बाग क्लीनिंग वाले को कई बार रुकर नाशपतियाँ उठानी पड़ती थी। एक दिन बेन के पिता ने बोला ," बेन,  मैं तुमसे एक समझौता करना चाहता हूँ। मैं तुम्हे नाशपातियों से भरी एक टोकरी उठाने पर एक डॉलर दूंगा। पर तुम्हारा काम खत्म होने पर अगर एक भी नाशपाति ज़मीन पर दिखी तो मैं तुमसे हर नाशपाती के हिसाब से एक डॉलर लूंगा। बोलो ,सौदा मंजूर है?"
इस दिन के बाद फिर कभी भी ज़मीन पर बेन के पिता को नाशपाती नही मिली। वह न सिर्फ सारी पड़ी नाशपातियाँ बीन लेता था बल्कि उस पर नज़र रखनी पड़ती थी कि वह कहीं से पेड़ से ही नाशपातियाँ तोड़कर टोकरी में न भर ले।
 यहाँ हम जान सकते हैं , बेन के पिता ने किस तरह अपने बेटे से खुशी खुशी सौपा काम करवाया। बेन के पिता अच्छी तरह जानते थे कि लोगों को ठेस पहुचाये बिना लोगो को प्रेरित करके कैसे बदलना है, । वे जानते थे कि वह तरीका प्रदान करो लोगो की जिससे कोई प्रेरित होकर आपका काम खुश होकर करें।

आज चैलेंज लें
1.  इस पर विचार करें कि आपके सुझाये या कहे गए काम को करने से सामने वाले को क्या फायदा होगा।
2.सामने वाले व्यक्ति को कोई काम इस तरह सौंपे की वह आपका काम खुशी खुशी कर दे। वह प्रेरित हो न कि बाध्य।

दोस्तों लोगो से काम खुशी खुशी कराने में यह कतई न भूलें कि आप अपने फायदे में ही क्रेन्दित रहें बल्कि सामने वाले के फायदों को भी देखें। अगर हम बड़े संस्थाओं में काम करने वाले प्रभावी लीडर के गुणों को देखे तो उनके रोजमर्रा के कामों में यह गुण कूट कूट कर भरा होता है। यदि आप यह एक गुण लोगो से खुशी खुशी काम करवाने का गुण अपने अंदर विकसित कर लेते हैं तो आप पहले से दस प्रतिशत अधिक प्रभावी लीडर कहलायेंगे, और सामने वाला आपका सम्मान भी करना चाहेगा ।

रंजना अवस्थी
(लाइफ कोच)