लखनऊ | उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में सरायमीर थानाक्षेत्र के कुशहां फरिउद्दीनपुर गांव के नजदीक सोमवार को खराब मौसम के कारण चार सीट वाला एक छोटा विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में एक प्रशिक्षु पायलट की मौत हो गयी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस छोटे विमान को प्रशिक्षु पायलट द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा था। यह विमान आज पूर्वाह्न करीब साढ़े 11 बजे एक खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
आजमगढ़ के जिलाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि विमान ने प्रशिक्षण संस्थान से उड़ान भरी थी, विमान में में सिर्फ एक प्रशिक्षु पायलट सवार था। उन्होंने उन खबरों का खंडन किया कि जिनमें विमान में एक और पायलट के सवार होने की बात कही जा रही थी। सूत्रों ने बताया कि यह विमान केंद्र सरकार द्वारा संचालित प्रशिक्षण संस्थान इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी, अमेठी से संबद्ध था। आजमगढ़ पुलिस के अनुसार घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और राहत और बचाव कार्य कराया।
प्रशासन की तरफ से बताया गया है कि हादसाग्रस्त होने वाला विमान टू-सीटर था और अमेठी के फुर्सतगंज स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी से अपनी नियमित उड़ान के लिए निकला था। अपनी नियमित प्रशिक्षण उड़ान के लिए निकला था। मौसम खराब होने के बाद विमान अचानक अनियंत्रित होकर नीचे गिर गया और मलबे में तब्दील हो गया।
बताया जा रहा है कि विमान को 24 वर्षीय पायलट कोणार्क सरन उड़ा रहे थे, जिनकी हादसे में मौत हो गई। पायलट का शव हादसे से दो किलोमीटर दूर बरामद हुआ। माना जा रहा है कि पायलट ने हादसे से पहले विमान से सुरक्षित निकलने के लिए शायद पैराशूट से छलांग लगायी होगी लेकिन पायलट की जान नहीं बच सकी।
वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस वक्त हादसा हुआ,उसमें और लोग भी सवार थे, जो कि पैराशटू की मदद से विमान से निकल गए। हालांकि प्रशासन का कहना है कि हादसे के वक्त विमान में प्रशिक्षु पायलट के अलावा कोई और सवार नहीं था।