नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की एक ऑडियो क्लिप वायरल हुई  है, जिसमें वो कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बंगाल में 'उतने ही लोकप्रिय हैं, जितनी ममता हैं।'  इस बारे में हुई क्लबहाउस चैट का एक हिस्सा भाजपा के सोशल मीडिया हेड अमित मालवीय ने शनिवार की सुबह ट्विटर पर शेयर किया है। 
यह ऑडियो क्लिप तब सामने आया है, जब राज्य में चौथे चरण का मतदान हो रहा है। 
इसमें प्रशांत किशोर ध्रुवीकरण की बात करते नजर आ रहे हैं। वो कह रहे हैं कि ध्रुवीकरण, ममता सरकार के खिलाफ गुस्सा और दलित वोट- तीन वजहों से इन चुनावों में बीजेपी को फायदा मिलता दिख रहा है। क्लिप में वो कह रहे हैं कि 'अगर वोट है तो मोदी के नाम पर वोट है। हिंदू के नाम पर वोट है। दलित के नाम पर वोट है। हिंदीभाषी हैं। ये फैक्टर हैं। तो शुभेंद गए क्योंकि प्रशांत किशोर आ गया, वाला मसला ही नहीं है। मोदी यहां पॉपुलर हैं। हिंदीभाषी लोगों के एक करोड़ से ज्यादा वोट हैं। 27 फीसदी दलित हैं, वो बीजेपी के साथ खड़े हैं। और ध्रुवीकरण तो है ही।'
उनसे एक पत्रकार ने पूछा कि मटुआ समुदाय किसको वोट देगा, तो उनका जवाब आया कि मटुआ लोग ज्यादातर बीजेपी को वोट करेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी एकता उतनी ज्यादा नहीं दिखेगी, जितनी लोकसभा में दिखी थी, लेकिन उनका अधिकतर वोट बीजेपी को जाएगा। 75 बीजेपी तो 25 तृणमूल का अनुपात रहेगा।
प्रशांत किशोर ने कहा कि ऐसा नहीं है कि बीजेपी के बंगाल में काडर नहीं हैं। यहां बीजेपी का ग्राउंड पर काडर है। हो सकता है कि बहुत से तृणमूल से आए हों। लेकिन वो समर्पण के साथ बीजेपी के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि टीएमसी के अपने खुद के पोलिंग सर्वे में बीजेपी की सरकार बनती हुई दिख रही है। वो यह भी कह रहे हैं कि 50 से 55 हिंदू बीजेपी के लिए वोट कर रहे हैं। किशोर एक दूसरे क्लिप में कहते हुए नजर आ रहे हैं कि राज्य में ममता की सरकार के खिलाफ गुस्सा है, लेकिन केंद्र के खिलाफ नहीं। पत्रकारों ने उनसे पूछा कि मोदी बंगाल में क्यों पॉपुलर हैं और आर्थिक संकट के बावजूद उनकी सरकार के खिलाफ गुस्सा क्यों नहीं है। इस पर उन्होंने कहा कि पूरे देश में मोदी का कल्ट है। यहां तक कि टीएमसी के सर्वे में मोदी को भी उतने ही वोट मिले हैं, जितने ममता को। 
यह दोनों क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इसके बाद अमित मालवीय ने अपने ट्वीट में लिखा कि ' तृणमूल का चुनाव गया।' 
हालांकि, उनके इस ट्वीट पर प्रशांत किशोर ने कहा कि भाजपा उनके इस चैट को गंभीरता से ले रही है, अगर उनमें हिम्मत है तो वो पूरी चैट सार्वजनिक करें। प्रशांत किशोर ने एक समाचार चैनल से कहा कि 'मुझे खुशी है कि भाजपा के लोग मेरे चैट को अपने नेताओं की बातों से ज्यादा गंभीरता से ले रहे हैं। लेकिन मैं कहना चाहूंगा कि वो बातचीत के सेलेक्टिव हिस्से के बजाय पूरी बातचीत को सार्वजनिक करें।' 
प्रशांत किशोर ने कहा कि उन्होंने यह बात इस सवाल पर कही थी कि बीजेपी को 40 फीसदी वोट क्यों मिल रहे हैं और ऐसी धारणा क्यों है कि बीजेपी जीत रही है?