जयपुर. कोविड-19 (COVID-19) के कारण बाहर से राजस्थान (Rajasthan) आने वाले लोगों को 14 दिन तक क्वारंटाइन (Quarantine) में रहने की अनिवार्यता है. इसके बावजूद इसमें भारी लापरवाही देखने को मिल रही है. प्रदेश में कोविड-19 (COVID-19) को मात देने की दर 57 फीसदी है, जो देश में सर्वाधिक है.

होम क्वारंटाइन किए गए लोग बाहर घूमने से बाज नहीं आ रहे हैं. संस्थागत क्वारन्टाइन की जगह होम क्वारन्टाइन के उल्ल्ंघन की शिकायत ज्यादा है. राज्य स्तरीय क्वारन्टाइन प्रबंध समिति की अध्यक्ष और पीडब्ल्यूडी एसीएस वीनू गुप्ता की रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आया है.

प्रवासियों का रजिस्ट्रेशन कर उनके आधार नंबर लें

सीएम की जिलों के अफसरों के साथ वीसी के दौरान वीनू गुप्ता ने बताया कि, क्वारंटाइन उल्लंघन के प्रयासों के 25,920 मामले सामने आए हैं. इनमें से 98 प्रतिशत होम क्वारंटाइन उल्लंघन के हैं. वीनू गुप्ता ने कलक्टरों को निर्देश दिए कि प्रवासियों का रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करें और उनके आधार या जनआधार नम्बर भी लिए जाएं. क्वारंटाइन सेंटर पर उपलब्ध सुविधाओं की जांच वरिष्ठ अधिकारी ही करें.
प्रवासियों की वजह से रेड जोन में कई जिले

आईटी विभाग के प्रमुख सचिव अभय कुमार ने प्रवासियों के आगमन और जोन वाइज प्रभावित क्षेत्रों के बारे में प्रस्तुतीकरण दिया. अभय कुमार ने बताया कि बड़ी संख्या में प्रवासियों के प्रदेश में आगमन के बाद रेड जोन में कई ऐसे जिले भी आ गए हैं, जहां पहले पॉजिटिव केस नाममात्र के थे. प्रदेश में कोरोना संक्रमितों के ठीक होने की दर 57 फीसदी है. 935 प्रवासी अब तक कोविड-19 से पॉजिटिव पाए जा चुके हैं.

संपर्क में आए लोगों की 10 दिन में करें जांच

मेडिकल के एसीएस रोहित कुमार सिंह ने प्रजेंटेशन के माध्यम से बताया कि विभाग ने अभी तक 2 लाख 54 हजार 533 नमूने टेस्ट किए हैं. इनमें से 5845 पॉजिटिव पाए गए. अभी तक 935 प्रवासी पॉजिटिव पाए गए हैं. फिलहाल एक्टिव केस 2365 हैं और 3337 संक्रमित व्यक्ति स्वस्थ हो चुके हैं. प्रदेश में कोरोना से ठीक होने की दर 57 फीसदी है, जो देश में सर्वाधिक है. उन्होंने कहा कि मिशन लाइफ सेविंग (लिसा) के भी सकारात्मक परिणाम आए हैं. उन्होंने बाहर से आए प्रवासियों के पॉजिटिव पाए जाने पर उनके संपर्क में आए लोगों की जांच 5 से 10 दिनों के भीतर करने के निर्देश दिए.