जबलपुर। वाक़ई जबलपुर के लिए गौरव की बात है कि माँ नर्मदा के तट पर २३ फ़रवरी से नर्मदा गौ कुंभ का आयोजन हो रहा है। इस कुंभ से जहाँ लाखों श्रद्धालुओं धर्म लाभ होगा तो वहीं जबलपुर संस्कारधानी के साथ-साथ कुंभधानी भी बन गई है यह संदेश देश-विदेश में पहुँच जाएगा। उम्मीद है कि इस कुंभ में हज़ारों साधु-संत और धर्मगुरुओं के अलावा लाखों श्रद्धालुगण नर्मदा स्नान का लाभ पाएँगे। इस लिहाज़ से देखा जाए तो यह आयोजन प्रशंसनीय है।


नेपाल से आ रहे ५ हजार भक्त...........
मगर एक बड़ी चौंकाने वाली ख़बर यह कि नेपाल से धर्मगुरु नेपाली बाबा के सानिध्य में क़रीब ५ हज़ार भक्तगण आ रहे हैं जो नर्मदा नदी में डुबकी लगाएँगे। इस ख़बर से शहर के जागरूक लोगों की पेशानी पर बल पड़ गया है। इस बल की वजह कोरोना वायरस का ख़तरा है। जैसा कि विदित है कि इस वक़्त कोरोना वायरस ने चीन में हाहाकार मचा रखा है तो दुनिया में इसकी वजह से हड़कम्प फैली है। दुनिया के तमाम देशों ने चीन के नागरिकों की एंट्री निषेध कर रखी है जिसमें भारत भी शामिल है। अब नेपाल से हज़ारों का जत्था आने जा रहा है तो स्वाभाविक है हमें चेतना होगा। नेपाल चीन.तिब्बत की सीमा से लगा है और नेपाल में काफ़ी संख्या में चीनी नागरिक रहते हैं। कहीं ऐसा न होके के नेपाल से आने वाले भक्तों-श्रद्धालुओं के ज़रिए कोरोना वायरस की आमद हो जाए। कोरोना वायरस कितना ख़तरनाक है यह बताने की ज़रूरत नहीं है। चीन के हालात से सब वाक़िफ़ हैं। जहाँ अधिकृत रूप से इस बीमारी से कई हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है।


चीन के पड़ोसी देश से आने वालों का चैकअप करायें...........
इस विषय पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए नर्मदा के जानकार एवं वरिष्ठ पत्रकार काशीनाथ का कहना है कि यदि नेपाल से आने वाले किसी व्यक्ति कोरोना वायरस इंफ़ेक्टेड हुआ तो स्वस्थ्य की दृष्टि से विषम परिस्थितियाँ बन सकती है। इसलिए आवश्यक है कि नेपाल या चीन की सीमा से लगे किसी भी देश के नागरिक के आने से पहले सीमा पर ही उसका मेडिकल चेकअप कराया जाए तथा नेपाल से आने वाले जत्थे की तमाम व्यवस्थाएँ पृथक और थोड़ा दूरी पर रखी जाए। इसी के साथ शहर प्रवेश के पूर्व इनका स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए। काशी नाथ का कहना है कि यदि विदेशी नागरिकों के स्वास्थ्य परीक्षण में तनिक भी कोताही बरती गई तो पूरा शहर इस घातक संक्रामक की चपेट में आ जाएगा।


विदेशी मेहमानों की स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था नदारद.......
हालाँकि अभी तक शासन-प्रशासन और आयोजकों की ओर से विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य परीक्षण की अलग व्यवस्था नज़र नहीं रही है इसलिए आवश्यक है शहर के कर्णधार इस विषय में सोचें और लोगों में व्याप्त दहशत के मद्देनजर स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था कराकर न केवल जागरुकता का परिचय दे बल्कि लोगों में व्याप्त दहशत को भी दूर करे और संक्रामक बीमारी की रोकथाम के ऐहितयातन कदम भी उठायें जायें।