आंगन में स्वस्तिक: कहते हैं आंगन के बीचो-बीच स्वास्तिक चिन्ह अंकित करने से भी शुभ फल प्राप्त किए जा सकते हैं. इतना ही पितृपक्ष में घर के आंगन में गोबर से स्वास्तिक चिन्ह बनाया जाए तो पितरों की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इससे घर में सुख शांति का वास होता है. और नकारात्मक ऊर्जा घर से बाहर निकल जाती है.

घर के मंदिर में स्वास्तिक: घर के मंदिर में स्वास्तिक बनाना बेहद ही शुभ होता है. यहां स्वास्तिक चिह्न बनाकर उस पर मूर्ति स्थापित करनी चाहिए और प्रतिदिन उन मूर्तियों की पूजा करना शुभ फलदायी माना जाता है.

मुख्य दरवाज़े पर बनाए स्वास्तिक : वास्तु के अनुसार घर के मुख्य दरवाज़े के दोनों ओर स्वास्तिक चिह्न ज़रुर बनाना चाहिए. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और घर में मौजूद वास्तु दोषों से निजात भी मिलती है. लेकिन ध्यान रखें कि मुख्य द्वार पर 9 अंगुल लंबा और चौड़ा स्वास्तिक सिंदूर से बनाना चाहिए.

तिजोरी में स्वास्तिक: घर की अलमारी, तिजोरी या जिस जगह पर आप अपने पैसे रखते हैं वहां पर स्वास्तिक का चिन्ह बनाना चाहिए. इससे ना केवल समृद्धि आती है बल्कि किसी भी तरह से आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ता. खासतौर से दीवाली पर तिजोरी के अंदर स्वास्तिक बनाना चाहिए.