उदयपुर. दुनियाभर में सभी तरह के दान में रक्तदान (Blood donation) सबसे महत्वपूर्ण है. रक्तदान के माध्यम से लोगों की जान बचाई जा सकती है. राजस्थान का उदयपुर (Udaipur) एक शहर है ऐसा जहां रक्त दानवीरों की लंबी फेहरिस्त है. आज यह शहर रक्त दानवीरों की नगरी में रूप में पहचान बना चुका है. यहां ऐसे कई रक्तदाता हैं जिन्होंने जीवन पर्यन्त रक्तदान करने का संकल्प ले रखा है. यहां तक कि कई रक्तदाता तो दुनिया के सामने मिसाल (Precedent) बनकर उभरे हैं. ये रक्तदाता अब तक 50-50 बार से ज्यादा दफा रक्तदान कर चुके हैं.

यह है रक्तदाताओं की फेहरिस्त
उदयपुर निवासी रविन्द्रपाल सिंह कप्पू भी ऐसे ही रक्तवीर हैं जो लोगों की जान बचाने के लिये अब तक 89 बार रक्तदान कर चुके हैं. रविन्द्रपाल सिंह कप्पू लोगों को रक्तदान के प्रति जागरुक करने का कार्य भी करते हैं. इसलिये उनका मानना है कि किसी भी कार्य में लोगों की रूचि पैदा करने से पहले उस कार्य की शुरुआत स्वयं को करनी होती है. कप्पू ने सैंकड़ों रक्तदान कैम्प भी आयोजित किए हैं. कप्पू ही नहीं उदयपुर के चंदन माली 84 बार, रजनीश गांधी 75 बार, दिनेश चोरड़िया 71 बार, आरसी मीणा 70 बार, बरकतउल्ला खान 72 बार, दीपक खंडेलवाल 60 बार और पवन ठाकुर 53 बार रक्तदान कर चुके हैं. इनके अलावा और भी ऐसे कई शहरवासी हैं जिन्होंने रक्तदान कर सैंकड़ों लोगों के जीवन को बचाया है. दिनेश चोरड़िया तो इसी उद्देश्य के साथ व्हाट्सअप ग्रुप भी चलाते हैं. इसे हेल्पिंग हैंड ग्रुप नाम दिया है. इस ग्रुप के माध्यम से वे लोगों की रक्त की जरुरत भी पूरी करते हैं.

महज ढाई महिने में 1200 यूनिट रक्त किया इकट्ठा 
लॉकडाउन के दौरान उदयपुर संभाग के सबसे बड़े एमबी चिकित्सालय में भी रक्त की कमी होने लग गई थी. कई इमरजेंसी केस में ब्लड बैंक को बिना रिप्लेसमेंट के भी ब्लड देना पड़ा. ऐसे में मरीजों के लिये बड़ी परेशानी पैदा होने लगी थी. इस पर शहर के ये रक्तवीर आगे आए और मोबाइल यूनिट के माध्यम से गली-मोहल्लों में रक्तदान शिविर आयोजित किये. इन शिविरों में घर घर जाकर मोबाइल वैन यूनिट के जरिये रक्त एकत्रित किया गया. उदयपुरवासियों ने महज ढाई महिने में 1200 यूनिट रक्त इकट्ठा कर लिया, जिससे एमबी चिकित्सालय के कई गंभीर मरीजों को नया जीवनदान मिला.

रक्तदाता जागरुकता अभियान भी चलाते हैं
रक्तदान के प्रति उदयपुर के रक्तदाता जागरुकता अभियान भी चलाते हैं, जिससे लोगों को इसके लिए जागरुक किया जा सके. इन जागरुकता अभियान के माध्यम से वे लोगों को रक्तदान के फायदे बताते हुए इसको लेकर फैले भ्रम को दूर करने की कोशिश भी करते हैं.